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SIR गैरकानूनी, चुनाव आयोग की भूमिका कठघरे में : मनीष तिवारी

अवधेश कुमार । नई दिल्ली 15 दिसंबर 2025

दिल्ली में ‘वोट चोरी’ के खिलाफ आयोजित कांग्रेस की मेगा रैली में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। इस रैली में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर चुनाव आयोग पर सीधा और गंभीर सवाल उठाया। तिवारी ने साफ शब्दों में कहा कि SIR का कोई संवैधानिक या कानूनी आधार नहीं है और यह न संसद के भीतर वैध ठहराया जा सका है, न ही संसद के बाहर। उनका आरोप था कि इस प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में मनमाने हस्तक्षेप का रास्ता खोला जा रहा है, जो लोकतंत्र की जड़ों पर सीधा प्रहार है।

मनीष तिवारी ने कहा कि भारत का संविधान और चुनावी कानून यह स्पष्ट करते हैं कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण किस तरह और किन परिस्थितियों में किया जा सकता है। लेकिन SIR जैसी प्रक्रिया को न तो किसी कानून के जरिए पारित किया गया है और न ही इसके लिए कोई संवैधानिक संशोधन किया गया है। इसके बावजूद अगर चुनाव आयोग इस तरह की कवायद करता है, तो यह उसकी संवैधानिक सीमाओं से बाहर जाकर काम करने जैसा है। तिवारी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष और स्वतंत्र संस्था होना चाहिए, न कि सरकार के राजनीतिक एजेंडे को लागू करने का औजार।

कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि संसद में इस मुद्दे पर बार-बार सवाल उठाए गए हैं, लेकिन सरकार और चुनाव आयोग की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अगर SIR जैसी प्रक्रियाओं को बिना स्पष्ट कानूनी ढांचे के लागू किया गया, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान गरीबों, अल्पसंख्यकों, प्रवासी मजदूरों और समाज के कमजोर तबकों को होगा, जिनके नाम सबसे पहले मतदाता सूची से हटाए जाने का खतरा रहता है। तिवारी के मुताबिक यह केवल प्रशासनिक मामला नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के वोट के अधिकार से जुड़ा बुनियादी सवाल है।

रैली में मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को लोकतंत्र बचाने की लड़ाई करार दिया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में लगातार ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं, जिनसे निष्पक्ष चुनाव की अवधारणा कमजोर होती जा रही है। कांग्रेस का कहना है कि ‘वोट चोरी’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि उन तमाम प्रक्रियाओं का प्रतीक है, जिनके जरिए मतदाताओं की संख्या, पहचान और भागीदारी को प्रभावित किया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर SIR जैसी प्रक्रियाओं पर तुरंत रोक नहीं लगी और इसकी संवैधानिक वैधता पर सार्वजनिक बहस नहीं हुई, तो देश में चुनाव सिर्फ एक औपचारिक अभ्यास बनकर रह जाएंगे। मनीष तिवारी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाती रहेगी और हर उस कदम का विरोध करेगी, जो नागरिकों के मताधिकार को कमजोर करता हो। रैली के जरिए पार्टी ने साफ संदेश दिया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए वह किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगी।

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