एबीसी डेस्क 13 दिसंबर 2025
हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में उस समय एक अनोखा और ऐतिहासिक नज़ारा देखने को मिला, जब दुनिया के महानतम फुटबॉलर माने जाने वाले लियोनेल मेसी और भारत के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक ही मंच पर नज़र आए। यह सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं था, बल्कि खेल, राजनीति, युवाओं और वैश्विक लोकप्रिय संस्कृति के मेल का प्रतीक बन गया। कांग्रेस पार्टी ने इस मौके को सोशल मीडिया पर “GOAT meets GOAT Energy Pro Max” जैसे संदेशों के साथ साझा किया, जिसने युवाओं के बीच खासा आकर्षण पैदा किया।
कार्यक्रम के दौरान लियोनेल मेसी ने राहुल गांधी को अपनी प्रतिष्ठित नंबर 10 जर्सी भेंट की। फुटबॉल की दुनिया में नंबर 10 जर्सी नेतृत्व, रचनात्मकता और असाधारण प्रतिभा की पहचान मानी जाती है। इसे राहुल गांधी को सौंपे जाने को कांग्रेस समर्थकों ने प्रतीकात्मक रूप से एक सम्मान और वैश्विक पहचान के रूप में देखा। मंच पर मौजूद खिलाड़ी, आयोजक और दर्शक इस क्षण के साक्षी बने, जिसे कैमरों और सोशल मीडिया ने तुरंत वायरल कर दिया।
इस आयोजन का पूरा शेड्यूल भी अपने आप में भव्य था। शाम को मैच किक-ऑफ से लेकर मेसी के मैदान में प्रवेश, पेनल्टी शूटआउट, स्टेडियम में परेड वॉक और GOAT कप की प्रस्तुति तक हर पल को एक वैश्विक इवेंट की तरह डिज़ाइन किया गया था। मेसी के साथ लुइस सुआरेज़ और रोड्रिगो डे पॉल जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी ने आयोजन की अंतरराष्ट्रीय चमक और बढ़ा दी। खास बात यह रही कि कार्यक्रम के समापन से पहले राहुल गांधी के संबोधन को भी शेड्यूल में शामिल किया गया, जिसने इस आयोजन को सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहने दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि भारत में खेल कूटनीति (Sports Diplomacy) और सॉफ्ट पावर के बढ़ते प्रभाव का संकेत भी है। राहुल गांधी की युवाओं से संवाद की राजनीति और मेसी की वैश्विक लोकप्रियता—इन दोनों का एक मंच पर आना, खासकर उस समय जब देश में युवा राजनीति और नई पहचान की बहस चल रही है, एक मजबूत संदेश देता है। कांग्रेस ने इसे युवाओं, खेल प्रेमियों और वैश्विक भारत की छवि से जोड़ने की कोशिश के रूप में पेश किया।
सोशल मीडिया पर इस पूरे कार्यक्रम को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली। समर्थकों ने इसे प्रेरणादायक मुलाकात बताया, वहीं आलोचकों ने इसे राजनीतिक ब्रांडिंग से जोड़कर देखा। लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि इस आयोजन ने हैदराबाद को वैश्विक सुर्खियों में ला दिया और यह दिखाया कि भारत अब सिर्फ राजनीति या अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि खेल और संस्कृति के ज़रिए भी दुनिया से संवाद कर रहा है।
कुल मिलाकर, लियोनेल मेसी और राहुल गांधी की यह मुलाकात एक ऐसे पल के रूप में दर्ज हो गई, जहां फुटबॉल की महानता और भारतीय लोकतंत्र की राजनीति एक साथ नज़र आई। यह आयोजन आने वाले समय में खेल, युवा और राजनीति के रिश्ते पर नई बहस छेड़ने वाला साबित हो सकता है।





