अमरनाथ | मुंबई 22 नवंबर 2025
शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे का गंभीर आरोप
शिव सेना नेता आदित्य ठाकरे ने मुंबई की राजनीति में भारी उथल-पुथल मचा देने वाला बयान देते हुए आरोप लगाया है कि आगामी BMC चुनावों के लिए तैयार की जा रही मतदाता सूची में योजनाबद्ध तरीके से “Vote Chori” की गई है। उनका दावा है कि चुनाव आयोग, जो निष्पक्षता और पारदर्शिता का प्रतीक माना जाता है, अब बीजेपी के लिए काम कर रहा है और मतदाता सूची में फेरबदल कर बीजेपी को कमजोर वार्डों में फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। ठाकरे ने कहा कि आज उन्होंने इसका बड़ा खुलासा किया है और यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
ड्राफ्ट वोटर रोल समय से पहले और संदिग्ध तरीके से जारी
आदित्य ठाकरे ने खुलासा किया कि ड्राफ्ट वोटर रोल, जिसे 7 नवंबर को जारी किया जाना था, उसे अचानक और असामान्य तरीके से एक दिन पहले देर शाम जारी कर दिया गया। इस अचानक जारी करने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम संदेह पैदा करता है और यह साफ संकेत है कि मतदाता सूची में बदलाव छिपाने की कोशिश की जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि देर शाम जारी करने का उद्देश्य राजनीतिक दलों और नागरिकों को जांच का समय न देना था, जिससे अनियमितताएं आसानी से दबाई जा सकें।
मतदाता सूची मशीन रीडेबल नहीं, पारदर्शिता पर सवाल
ठाकरे के अनुसार जारी की गई ड्राफ्ट सूची इस तरह तैयार की गई है कि उसे ढूंढना और पढ़ना बेहद कठिन है। वह न तो मशीन रीडेबल है और न ही व्यवस्थित। सूची में किसी भी नाम को खोजने के लिए लगभग 45,000 मतदाताओं की लंबी फाइल को स्क्रोल करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जानबूझकर किया गया है ताकि नागरिक और राजनीतिक दल विसंगतियों का पता न लगा सकें। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा और पारदर्शिता के खिलाफ बताया।
मतदाता सूची का रणनीतिक और जनसांख्यिकीय विभाजन
सबसे गंभीर आरोप यह है कि मतदाता सूची को रणनीतिक रूप से तोड़ा गया है। आदित्य ठाकरे का दावा है कि मतदाताओं को जनसांख्यिकी और वोट बेस के आधार पर अलग-अलग वार्डों में स्थानांतरित किया गया है। विशेष रूप से उन वार्डों में जहां बीजेपी कमजोर थी, वहां अन्य क्षेत्रों के मतदाताओं को जोड़कर बीजेपी का वोट शेयर बढ़ाने की कोशिश की गई है। यह आरोप राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है और चुनावी निष्पक्षता पर बड़े सवाल खड़े करता है।
इमारतों और विधानसभा क्षेत्रों में भी मतदाता स्थानांतरण का आरोप
ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में एक ही इमारत के मतदाताओं को भी विभाजित कर दिया गया है। कुछ लोगों के नाम उसी बिल्डिंग में रहते हुए भी अलग वार्डों और यहां तक कि पूरे विधानसभा क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह किसी भी तरह से सामान्य त्रुटि नहीं हो सकती, बल्कि यह एक संगठित और योजनाबद्ध प्रयास है जिसका उद्देश्य वोटों में हेरफेर करना है।
चुनाव आयोग पर राष्ट्रीय सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों से खिलवाड़ का आरोप
आदित्य ठाकरे ने चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यदि यह गलती अक्षमता के कारण हुई है, तो संबंधित अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए। लेकिन यदि यह जानबूझकर किया गया है, जैसा कि उन्हें प्रतीत हो रहा है, तो चुनाव आयोग पर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और नागरिकों को उनके संवैधानिक मतदान अधिकार से वंचित करने के आरोप में कार्रवाई होनी चाहिए। उनके इस बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दलों ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है।
राजनीतिक दलों और नागरिकों से कार्रवाई की अपील
ठाकरे ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे ड्राफ्ट मतदाता सूची की जांच करें और विसंगतियों को उजागर करें। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग के खिलाफ इस “Vote Chori” का मुकाबला करने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि यदि अभी आवाज नहीं उठाई गई, तो मुंबई की लोकतांत्रिक संरचना को भारी नुकसान होगा और मतदान की विश्वसनीयता पर स्थायी दाग लग जाएगा।





