समी अहमद | भागलपुर/ पटना 13 नवंबर 2025
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा ने खिसकी हुई-सी राजनीति की सतह पर अपनी आवाज उठाई है। उन्होंने साफ कहा है कि वह एग्जिट पोल पर भरोसा नहीं करतीं। मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल प्लेटफॉर्म्स में जब एडवांस अनुमान सामने आते हैं कि कौन सा गठबंधन या दल कितनी सीटें जीत सकता है, तो नेहा का मानना है कि यह सिर्फ “शोर” है — असली मायने वोटिंग के बाद-गणना के परिणामों का होता है।
उन्होंने बताया कि उनकी नजर विकल्प और लोकतंत्र के सही इस्तेमाल पर है, न कि उनमें जो आंकड़े किसी सर्वेक्षण या रिपोर्ट में छपते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि उनके पिता अजीत शर्मा इस चुनाव में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और इसलिए उनकी परिवार-वाली दृष्टि से भी उन्हें एग्जिट पोल से अलग रहने की प्रेरणा मिली।
नेहा ने यह भी कहा कि एग्जिट पोल परिणामों को जल्दी-से शेयर कर देना लोकतंत्र के प्रति एक तरह का फाल्तू दावा बन जाता है, क्योंकि असली निर्णय तो मतगणना के बाद ही सामने आता है। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे निष्पक्ष और विचारशील मतदान करें — किसी अनुमान या पूर्व जानकारी की वजह से प्रभावित न हों।
यह बयान उस समय सामने आया है जब बिहार में राजनीतिक माहौल गरमा रहा है, मीडिया और सर्वे एजेंसियाँ लगातार अनुमान लगा रही हैं और एग्जिट पोल की लिस्ट सामने आ चुकी है। ऐसे वक्त में नेहा शर्मा का यह बयान नागरिकों को यह याद दिलाता है कि लोकतंत्र में परिणाम पूर्वानुमान से नहीं, बल्कि वैध मतदान और सत्य-परिणाम से तय होते हैं।
इससे यह भी संकेत मिलता है कि सेलिब्रिटी का राजनीतिक हस्तक्षेप सिर्फ प्रचार-भावना तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि अब वे वोटिंग प्रक्रिया, जनमत सृजन, और लोकतांत्रिक चेतना जैसे विषयों पर अपनी पंक्तियाँ रख रही हैं।




