श्रीनगर 4 नवंबर 2025
जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट की आड़ में एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसने खेल जगत में सनसनी मचा दी है। इंटरनेशनल हिमालयन प्रीमियर लीग (IHPL) नामक टूर्नामेंट को लेकर जो सपने बेचे गए — उनके पीछे एक ऐसी साज़िश छिपी थी, जिसमें सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा तक दांव पर लगा दी गई। इस फर्जी लीग में वेस्टइंडीज के धुआंधार बल्लेबाज क्रिस गेल, न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर जेसी राइडर सहित घरेलू और विदेशी खिलाड़ियों को बुलाया गया। लेकिन जब खिलाड़ी जम्मू पहुँचे, तो सारी तस्वीर बदल गई — न मैच, न मैदान, न प्रसारण… बस एक होटल में फँसे खिलाड़ी और आयोजकों का गुमशुदा होना।
मामला तब सामने आया जब खिलाड़ियों ने प्रशासन से शिकायत की कि लीग शुरू करने का वादा करने वाले आयोजक अचानक होटल का बिल तक चुकाए बिना रफूचक्कर हो गए। खिलाड़ियों को बताया गया था कि यह लीग अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ होगी, बड़े टीवी नेटवर्क इसका प्रसारण करेंगे और भारी भरकम इनामी राशि दी जाएगी। विज्ञापन भी ऐसे बनाए गए कि मानो यह भारत की अगली सबसे बड़ी T20 लीग बनने जा रही हो। लेकिन हकीकत यह थी कि आयोजकों ने फर्जी स्पॉन्सरशिप, फर्जी प्रसारण करार और फर्जी अनुमति पत्र दिखाकर पूरी योजना बनाई, और निवेशकों व खिलाड़ियों से करोड़ों की रकम ठग ली।
सबसे गंभीर पहलू यह है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और भरोसे की जिस छवि को नए स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी प्रयासों ने बनाया है, ऐसे घोटाले उससे गहरा आघात पहुँचाते हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आयोजकों ने लीग को स्थानीय क्रिकेट बोर्ड और सरकारी एजेंसियों द्वारा अनुमोदित बताए जाने के झूठे दावे भी किए। खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय पहचान का इस्तेमाल करते हुए टिकटिंग, स्पॉन्सरशिप और प्रमोशन के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की गई।
घोटाले के प्रकाश में आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और होटल में रोके गए खिलाड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सभी खिलाड़ियों को उनके देशों के दूतावासों और संबंधित क्रिकेट बोर्डों की सहायता से वापसी की तैयारी शुरू कर दी गई है। वहीं पुलिस ने आयोजकों की तलाश तेज कर दी है और उनके बैंक खातों व डिजिटल लेनदेन की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में किन स्थानीय संपर्कों का उपयोग, सरकारी प्रक्रियाओं की अनदेखी या किसी प्रकार की राजनीतिक शह मिली थी।
दूसरी ओर, क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के मामले भारत में चल रही T20 लीग्स की बाढ़ में एक खतरनाक संकेत हैं — जहाँ आडंबर, विज्ञापन और बड़े नामों का सहारा लेकर खिलाड़ियों को जाल में फँसाया जाता है। इससे न सिर्फ खिलाड़ियों की सुरक्षा को खतरा होता है, बल्कि क्रिकेट की विश्वसनीयता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लग जाता है। क्रिस गेल और जेसी राइडर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की इसमें संलिप्तता ने इस घोटाले को अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है, जिससे भारतीय खेल प्रतिष्ठा भी दांव पर आ सकती है।
यह घटना सरकार और खेल संगठनों के लिए एक चेतावनी है कि किसी भी टूर्नामेंट को मंजूरी देने से पहले कड़ी जांच आवश्यक है। जम्मू-कश्मीर में जहां खेल को शांति और विकास के साधन के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है, ऐसे फर्जी आयोजक इस प्रयास को बदनाम करने में जुटे हैं। फिलहाल पीड़ित खिलाड़ियों को न्याय दिलाने और करोड़ों रुपये की ठगी में जिम्मेदार व्यक्तियों को पकड़ने के लिए जांच जारी है।




