प्रिस्टिना / रियाद, 29 अक्टूबर 2025
कोसोवो के राष्ट्रपति व्योसा ओसमानी ने रियाद में कहा है कि देश अभी एक नई तकनीकी युग में प्रवेश करने के लिए तैयार है, और इस दिशा में सऊदी अरब के साथ साझेदारी को अहम माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोसोवो की “डिजिटल एजेंडा कोसोवो 2030” (DAK 2030) के तहत 5G कनेक्टिविटी, ई-गवर्नेंस और एआई नवोन्मेष पर काम हो रहा है, और यह सऊदी अरब की तकनीकी एवं नवाचार प्राथमिकताओं — विशेषकर उसके नेटवर्क एआई-फोकस्ड दृष्टिकोण के साथ — मेल खाता है।
ओसमानी ने यह भी कहा कि सऊदी अरब ने कोसोवो की स्वतंत्रता और आज़ादी के वर्षों में समर्थन दिखाया है, और अब दोनों देशों के बीच निवेश, तकनीक और डिजिटल नवोन्मेष के क्षेत्र में नए अध्याय खुल सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा, “हम सऊदी अरब को तकनीक एवं एआई में वैश्विक अग्रणी देशों में देख रहे हैं… और चूंकि कोसोवो अपनी क्षेत्रीय श्रेणी में आईटी-प्रतिस्पर्धात्मकता में अग्रणी है और युवा जनसंख्या टेक-सवी है, हमें भरोसा है कि यहां विदेशी प्रत्यक्ष निवेश आकर्षित हो सकता है।”
इस साझेदारी में केवल तकनीकी क्षेत्र ही नहीं है, बल्कि शिक्षा, संस्कृति, युवा आदान-प्रदान और लोगों-से-लोगों के संबंधों को भी शामिल किया गया है। ओसमानी ने कहा कि कोसोवो तथा सऊदी अरब के युवाओं के बीच संवाद बढ़ने चाहिए, ताकि “दो देश और दो लोग”, बेहतर विचार साझा करके अपनी साझेदारी को और विस्तृत बना सकें।
प्रमुख पृष्ठभूमि यह है — कोसोवो, जो एक अपेक्षाकृत नया राष्ट्र है, ने डिजिटल रूप से सुदृढ़ होने की दिशा में तेजी दिखाई है। वहीं सऊदी अरब अपनी “विजन 2030” योजना के तहत विविधीकरण और तकनीकी विकास पर जोर दे रहा है। इस रूप में कोसोवो-सऊदी साझेदारी दोनों के लिए रणनीतिक अवसर प्रस्तुत करती है — कोसोवो को तकनीकी निवेश मिलने का अवसर मिलेगा और सऊदी अरब को युवा, डिजिटल-सक्षम जनसंख्या वाली यूरोपीय साझेदारी का लाभ होगा।
हालाँकि, चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं। कोसोवो को अपनी अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार लाना होगा, और सऊदी अरब की अपेक्षाएँ भी बड़ी हैं। इसके अलावा, निवेश एवं साझेदारी प्रस्तावों को स्थानीय प्रशासन, नियम-कानून, और पारदर्शिता के माहौल में अमल में लाना होगा। ओसमानी ने इस दिशा में कोसोवो की प्रतिबद्धता जताई है।
इस प्रकार, यह कहना सही होगा कि कोसोवो सऊदी अरब के साथ साझेदारी को एक “तकनीक-केंद्रित नव सूचना युग” के रूप में देख रहा है — जहाँ दोनों देशों की आवश्यकताएँ और लक्ष्य मिलते हैं, और इसमें सफल होने की संभावना है। अगर यह साझेदारी सफल रही, तो कोसोवो के लिए यह डिजिटल अर्थव्यवस्था में छलांग का अवसर हो सकती है — और सऊदी अरब के लिए एक नई रणनीतिक साझेदारी का मॉडल।




