क्या बीजेपी की खामोशी महज़ ‘मौन’ है, या फिर बिहार चुनाव के लिए ध्रुवीकरण की सुनियोजित ‘रणनीति’?
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता राघवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा सिद्धार्थनगर में दिया गया शर्मनाक बयान — जिसमें उन्होंने खुले मंच से “मुस्लिम लड़कियों को उठाओ, हम नौकरी और सुरक्षा देंगे” कहकर खुलेआम हिंसा और अपमान का आह्वान किया — यह किसी भी तरह से केवल एक व्यक्तिगत नेता की अनियंत्रित टिप्पणी या निजी भूल…
