27 सितंबर 2020 को अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच नगोर्नो-कराबाख विवादित क्षेत्र को लेकर दूसरा पूर्ण पैमाने का युद्ध शुरू हुआ। यह संघर्ष दशकों पुराने विवाद का एक हिस्सा था और इसमें दोनों पक्षों को भारी नुकसान हुआ। तुर्की ने अजरबैजान का समर्थन किया, जबकि रूस ने आर्मेनिया के साथ ऐतिहासिक संबंध बनाए रखे। इस युद्ध ने क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी और कई अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता प्रयासों के बावजूद संघर्ष नवंबर तक जारी रहा, जब रूस-प्रायोजित युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।




