इंटरनेशनल | ABC NATIONAL NEWS | इस्लामाबाद/तेहरान/वॉशिंगटन | 11 अप्रैल 2026
जब्त संपत्तियों पर टिका समझौते का आधार
तनाव के बीच बातचीत की नई पहल
मध्य-पूर्व में लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर बातचीत की कोशिशें तेज हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, इस्लामाबाद में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बैक-चैनल वार्ता जारी है, जहां क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर अहम चर्चा हो रही है। सूत्रों का कहना है कि ईरान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अगर अमेरिका उसकी जब्त की गई संपत्तियों पर लगी रोक हटाता है, तो वह रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर विचार कर सकता है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है और यहां किसी भी तरह का अवरोध अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर सीधा असर डालता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर संभव
होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने या बंद होने से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है। पिछले कुछ समय से तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। यदि यह समझौता होता है, तो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता लौट सकती है।
राजनयिक दबाव और क्षेत्रीय समीकरण
इस बातचीत में कई अन्य देशों की भी नजर बनी हुई है। पाकिस्तान की मेजबानी में हो रही इस प्रक्रिया को क्षेत्रीय संतुलन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, पश्चिमी देशों के साथ-साथ खाड़ी देशों की भी इस घटनाक्रम पर करीबी नजर है।
अभी अनिश्चितता बरकरार
हालांकि दोनों देशों के बीच यह बातचीत एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, लेकिन किसी ठोस समझौते की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। जानकारों का कहना है कि वर्षों से चले आ रहे अविश्वास और प्रतिबंधों के माहौल में किसी भी समझौते तक पहुंचना आसान नहीं होगा।
ईरान और अमेरिका के बीच यह नई पहल वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह वार्ता किसी ठोस नतीजे तक पहुंचती है या फिर एक बार फिर तनाव का दौर जारी रहेगा।




