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वर्कलोड मैनेजमेंट या गलत टाइमिंग?

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मुंबई 3 सितम्बर 2025

टीम इंडिया की बड़ी सीरीज के दौरान स्टार गेंदबाजों को लगातार आराम देने का फैसला अब चर्चा का विषय बन गया है। पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने इस मुद्दे पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्कलोड मैनेजमेंट का नाम लेकर अहम मुकाबलों में प्रमुख खिलाड़ियों को बाहर रखना टीम के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

वर्कलोड मैनेजमेंट पर उठे सवाल

बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट लंबे समय से खिलाड़ियों की फिटनेस और चोट से बचाव के लिए “वर्कलोड मैनेजमेंट” नीति को आगे बढ़ा रहे हैं। इसका मकसद खिलाड़ियों को लंबी क्रिकेट सीरीज और टूर्नामेंट्स के लिए फिट रखना है। लेकिन बड़ी सीरीज और महत्वपूर्ण मैचों में ही जब स्टार गेंदबाज आराम पर भेज दिए जाते हैं तो फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों में असंतोष पनपने लगता है।

इरफान पठान की तीखी टिप्पणी

इरफान पठान का कहना है कि आराम और रोटेशन जरूरी है, लेकिन इसकी टाइमिंग बेहद अहम है। उन्होंने कहा – “जब बड़े टूर्नामेंट या सीरीज सामने हो और तभी स्टार गेंदबाजों को बाहर बैठाया जाए, तो इसका असर टीम की रणनीति और आत्मविश्वास दोनों पर पड़ता है। खिलाड़ियों को सही वक्त पर आराम देना चाहिए, ताकि बड़े मौकों पर वे टीम के लिए उपलब्ध रहें।”

फैंस और विशेषज्ञों की नाराजगी

क्रिकेट फैंस का भी मानना है कि लगातार बदलाव और रोटेशन से टीम का कॉम्बिनेशन बिगड़ रहा है। कई विशेषज्ञों ने भी कहा है कि वर्कलोड मैनेजमेंट के नाम पर खिलाड़ियों को बाहर करना भारतीय क्रिकेट की निरंतरता को नुकसान पहुंचा सकता है।

आगे की चुनौती

भारतीय टीम इस वक्त कई अहम टूर्नामेंट और सीरीज खेलने जा रही है। ऐसे में बोर्ड और टीम मैनेजमेंट को यह सुनिश्चित करना होगा कि आराम और फिटनेस की रणनीति संतुलित हो, ताकि टीम की ताकत और प्रदर्शन दोनों पर कोई असर न पड़े। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या वर्कलोड मैनेजमेंट खिलाड़ियों की लंबी पारी का आधार बनेगा, या फिर गलत टाइमिंग टीम इंडिया के लिए नई मुश्किलें खड़ी करेगी?

 

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