एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 14 मार्च 2026
लोकसभा में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर किसानों के हितों से समझौता करने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि क्या अमेरिका के साथ होने वाली संभावित व्यापारिक समझौते के दबाव में सरकार MSP व्यवस्था को खत्म करने की तैयारी कर रही है।
संसद में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश के करोड़ों किसान MSP पर निर्भर हैं और यदि इसे कमजोर किया गया तो खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से साफ जवाब मांगते हुए पूछा कि क्या अमेरिका के साथ किसी व्यापारिक समझौते में MSP को बाधा माना जा रहा है और क्या सरकार इसे समाप्त करने की दिशा में कदम उठा रही है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि किसानों की लंबे समय से मांग रही है कि MSP को C2 + 50% फार्मूले के आधार पर कानूनी गारंटी दी जाए। उनका आरोप था कि सरकार इस मांग को पूरा करने के बजाय अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक दबावों के आगे झुक रही है।
हालांकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि MSP व्यवस्था को खत्म करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। सरकार की ओर से कहा गया कि किसानों को समर्थन मूल्य मिलता रहेगा और कृषि हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सरकारी पक्ष ने यह भी कहा कि भारत के व्यापारिक समझौते देश के आर्थिक हितों को ध्यान में रखकर किए जाते हैं और कृषि क्षेत्र की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विपक्ष का कहना है कि सरकार को इस मुद्दे पर पूरी पारदर्शिता दिखानी चाहिए, जबकि सरकार का दावा है कि किसानों के हित सुरक्षित हैं और MSP व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।
संसद में इस मुद्दे पर हुई बहस ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में किसान और MSP का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा केंद्र बन सकता है।




