राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | गुवाहाटी/नई दिल्ली | 29 मार्च 2026
समान कानून से मिलेगा न्याय, घुसपैठ और पहचान का मुद्दा भी बनाया चुनावी एजेंडा
असम विधानसभा चुनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा चुनावी वादा करते हुए कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। उन्होंने इसे न्याय और समानता की दिशा में अहम कदम बताते हुए कहा कि अलग-अलग कानूनों की जगह एक समान कानून से समाज में संतुलन और पारदर्शिता आएगी।
चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि देश को एक समान कानून व्यवस्था की जरूरत है, ताकि सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि UCC का उद्देश्य किसी धर्म विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान न्याय सुनिश्चित करना है।
असम में जारी चुनावी माहौल के बीच यह मुद्दा भाजपा के प्रमुख एजेंडे के रूप में उभर रहा है। असम में 2026 विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होने हैं, जहां कुल 126 सीटों पर मतदान होना है और 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
शाह ने अपने भाषण में घुसपैठ के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया और कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले वर्षों में इस पर नियंत्रण किया है और आने वाले समय में इसे पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने लंबे समय तक इस समस्या को नजरअंदाज किया, जबकि भाजपा ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा माना।
रैली के दौरान उन्होंने राज्य में विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान को भी चुनावी मुद्दों के रूप में रखा और दावा किया कि भाजपा तीसरी बार सरकार बनाने की स्थिति में है। हाल के दिनों में उनकी रैलियां और रोड शो इस बात का संकेत हैं कि पार्टी चुनाव को लेकर पूरी ताकत झोंक रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि UCC का मुद्दा असम जैसे संवेदनशील सामाजिक संरचना वाले राज्य में चुनावी बहस को और तेज कर सकता है, जहां पहचान, धर्म और प्रवासन जैसे विषय पहले से ही प्रमुख भूमिका निभाते रहे हैं।




