एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 8 मार्च 2026
WATCH VIDEO — कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने गरीबों को मिलने वाली सरकारी सहायता और बड़े उद्योगपतियों को दी जाने वाली आर्थिक रियायतों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने कहा कि देश में एक अजीब स्थिति बन गई है, जहां गरीबों को मिलने वाली मदद को “रेवड़ी” और “फ्रीबी” कहा जाता है, जबकि बड़े उद्योगपतियों को मिलने वाली रियायतों को “विकास” का नाम दे दिया जाता है।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि जब गरीब लोग जीवन यापन के लिए सब्सिडी पाते हैं तो उसे ‘रेवड़ी’ या ‘फ्रीबी’ कहा जाता है। लेकिन जब उद्योगपति सस्ती दरों पर जमीन, टैक्स में छूट और हजारों करोड़ रुपये के कर्ज़ माफ़ी जैसी सुविधाएं पाते हैं, तो उसे विकास बताया जाता है।
उन्होंने कहा कि देश में ऐसी सोच विकसित हो गई है जहां गरीबों को मिलने वाली छोटी-सी सहायता पर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन अमीरों को मिलने वाली बड़ी आर्थिक रियायतों पर अक्सर कोई चर्चा नहीं होती। राहुल गांधी के अनुसार यह स्थिति असमानता की उस मानसिकता को दिखाती है जो समाज में गहराई से बैठ चुकी है।
उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए दी जाने वाली योजनाओं पर बहस होना गलत नहीं है, लेकिन यह बहस तभी ईमानदार मानी जाएगी जब बड़े उद्योगपतियों को मिलने वाली सरकारी रियायतों, टैक्स छूट और अन्य आर्थिक लाभों पर भी समान रूप से चर्चा की जाए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में असमानता के मुद्दे पर गंभीर और संतुलित चर्चा की जरूरत है, ताकि यह तय किया जा सके कि आर्थिक नीतियों का लाभ समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंचे।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में “फ्रीबी संस्कृति” और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में सरकार की आर्थिक नीतियों पर सीधा सवाल माना जा रहा है।




