एबीसी नेशनल न्यूज | वाशिंगटन | 3 मार्च 2026
व्हाइट हाउस के ब्रिफिंग रूम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव और चल रहे सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ पर बात की। लेकिन उनकी बातों से ज्यादा ध्यान खींचा उनके चेहरे ने। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो क्लिप में ट्रंप को उदास, थका हुआ और टूटा हुआ दिखाया गया है – कंधे झुके हुए, आंखें नीची, मुस्कान गायब। कई यूजर्स इसे “मनोवैज्ञानिक हार” का सबूत बता रहे हैं।
एक वायरल पोस्ट में लिखा गया: “ट्रंप का चेहरा देखिए – यह एक ऐसे आदमी का चेहरा है जो ईरान से पंगा लेकर साइकोलॉजिकली हार गया है और अपनी सारी इज्जत खो चुका है। वह पूरी तरह टूटा हुआ लग रहा है।” पोस्ट में आगे कहा गया कि ट्रंप अब न बातचीत कर सकते हैं, न पीछे हट सकते हैं, न विक्टिम कार्ड खेल सकते हैं, और न ही मिडटर्म इलेक्शन का इंतजार कर सकते हैं। सब कुछ इसलिए क्योंकि उन्होंने दुश्मन को कम आंका और बिना उनकी ताकत का अंदाजा लगाए पूरी ताकत से हमला कर दिया।
वीडियो में ट्रंप पोडियम पर खड़े हैं, नीचे देखते हुए बोल रहे हैं। बॉडी लैंग्वेज एक्सपर्ट्स (ऑनलाइन कमेंट्स में) कह रहे हैं कि नीची नजरें और झुकी कंधे हार या थकान के संकेत हैं। यह ट्रंप के उस पुराने जोशीले अंदाज से बिल्कुल अलग है, जब वे आत्मविश्वास से भरे दिखते थे।
यह सब ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के बीच हो रहा है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की ज्यादातर सैन्य सुविधाएं “नॉक आउट” हो चुकी हैं, नेतृत्व पर नए हमले हुए हैं, और अमेरिका ने “पूर्व-निवारक” कार्रवाई की क्योंकि ईरान पड़ोसियों और इजरायल पर हमला करने वाला था। लेकिन कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ट्रंप ने खतरे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। ईरान की जवाबी कार्रवाई से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है – सऊदी अरब और कुवैत में अमेरिकी दूतावास बंद, ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल, और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर।
ट्रंप ने जर्मन चांसलर से मुलाकात के दौरान कहा कि ईरान में नए नेतृत्व के लिए जो लोग सोचे गए थे, “ज्यादातर मर चुके हैं”। व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रंप का लुक “दुनिया की जिम्मेदारी” का बोझ दर्शाता है, न कि व्यक्तिगत हार। लेकिन सोशल मीडिया पर आलोचक इसे ईरान को कम आंकने की सजा बता रहे हैं।
एक यूजर ने लिखा: “फेस डिस्ट्रेस्ड, शोल्डर डाउन, नो आई कॉन्टैक्ट, स्माइल लॉस्ट। यही होता है जब आप दुश्मन को कम आंकते हैं। ट्रंप ने ईरान को बहुत बड़ा अंडरएस्टिमेट किया।”
दुनिया अब देख रही है कि यह युद्ध कितने हफ्ते चलेगा। ट्रंप ने कहा है कि यह 4-5 हफ्ते में खत्म हो सकता है, लेकिन “जरूरत पड़ी तो लंबा भी चलेगा”। लेकिन उनका चेहरा बता रहा है कि आसान रास्ता नहीं बचा।
यह घटना दुनिया के नेताओं के लिए सबक है – दुश्मन को कभी कम नहीं आंकना चाहिए, वरना हार सिर्फ मैदान में नहीं, बल्कि चेहरे पर भी दिख जाती है।




