एबीसी डेस्क 26 दिसंबर 2025
PMO पर गंभीर आरोपों से सियासी भूचाल
देश की राजनीति में उस वक्त तीखी हलचल मच गई जब कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता और AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। उनके आरोप सिर्फ राजनीतिक बयान नहीं, ऐसे संकेत हैं जो सत्ता के सबसे ताकतवर केंद्र की पारदर्शिता और नैतिकता पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। पवन खेड़ा ने कहा कि देश के PMO में आखिर क्या चल रहा है, यह अब ज्यादा दिनों तक छिपा नहीं रह सकता। उन्होंने दावा किया कि PMO से संचालित एक एप में किसकी कितनी हिस्सेदारी है, उसमें किन-किन परिवारों के लोग जुड़े हैं, बॉलीवुड से लेकर देश-विदेश के बड़े उद्योगपति इसमें कैसे शामिल हैं—इन तमाम पहलुओं का जल्द ही खुलासा किया जाएगा। उनके अनुसार, यह सिर्फ तकनीक या निवेश का मामला नहीं, बल्कि सत्ता, पैसे और प्रभाव के खतरनाक गठजोड़ की कहानी है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इन तमाम सवालों की कई कड़ियां आपस में जुड़ी हुई हैं और उनमें एक नाम बार-बार सामने आता है—नवनीत सहगल। खेड़ा के मुताबिक, जब इन कड़ियों को जोड़ा जाएगा और पूरी सच्चाई सामने आएगी, तो देश चौंक जाएगा। लोगों को यह जानकर हैरानी होगी कि आखिर देश का सबसे बड़ा और संवैधानिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यालय संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले लोगों के प्रभाव में कैसे आ गया।
सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि जो लोग विदेशों में हवाला जैसे मामलों में संलिप्त रहे, जो हवालात तक जा चुके हैं, वे भी आज PMO के बेहद करीब बताए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले को यूं ही छोड़ने वाली नहीं है और आने वाले समय में सिलसिलेवार खुलासे किए जाएंगे।
यह बयान सिर्फ सत्ता और विपक्ष की तकरार नहीं, बल्कि लोकतंत्र की उस बुनियाद से जुड़ा सवाल है जहां PMO जैसी संस्था पर जनता का भरोसा टिका होता है। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सिर्फ सरकार के लिए नहीं, बल्कि पूरे राजनीतिक और प्रशासनिक ढांचे के लिए गहरे संकट की घड़ी होगी। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार इन आरोपों का जवाब कैसे देती है और क्या देश को वाकई उस “हैरान कर देने वाली सच्चाई” का सामना करना पड़ेगा, जिसकी चेतावनी कांग्रेस दे रही है।




