एबीसी नेशनल न्यूज | मुंबई | 14 फरवरी 2026
मुंबई में निर्माणाधीन मेट्रो परियोजना के एक पिलर का कंक्रीट स्लैब अचानक टूटकर सड़क पर आ गिरा, जिसकी चपेट में एक कार और एक ऑटो रिक्शा आ गए। हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना के समय सड़क पर सामान्य ट्रैफिक चल रहा था और किसी को अंदेशा नहीं था कि ऊपर से भारी स्लैब गिर सकता है। तेज धमाके के साथ स्लैब गिरने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह बाधित हो गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा मेट्रो कॉरिडोर के उस हिस्से में हुआ जहां निर्माण कार्य जारी था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुरक्षा मानकों का ठीक से पालन नहीं किया जा रहा था और निर्माण स्थल के नीचे से वाहनों की आवाजाही जारी थी। घायलों में कार सवार और ऑटो चालक सहित अन्य लोग शामिल हैं। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर राज्य की सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party सरकार पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि यह हादसा “भीषण लापरवाही और भ्रष्टाचार” का नतीजा है, जहां परियोजनाओं को समय पर पूरा दिखाने की होड़ में गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि देश के विभिन्न हिस्सों में घटिया इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण आम आदमी की जान खतरे में पड़ रही है, लेकिन जिम्मेदारी तय करने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती।
हालांकि प्रशासन की ओर से कहा गया है कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और निर्माण एजेंसी से जवाब तलब किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी टीम को घटनास्थल का निरीक्षण करने के लिए बुलाया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि स्लैब गिरने का कारण निर्माण दोष था, सामग्री की गुणवत्ता में कमी थी या किसी अन्य तकनीकी वजह से यह हादसा हुआ।
मुंबई जैसे महानगर में मेट्रो परियोजनाएं शहरी यातायात सुधारने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं, लेकिन लगातार सामने आ रहे निर्माण संबंधी हादसे सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि इस गंभीर हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।



