रास तनूरा (सऊदी अरब) | 2 मार्च 2026 | एबीसी नेशनल न्यूज
सऊदी अरब की प्रमुख ऊर्जा सुविधा रास तनूरा (Ras Tanura) रिफाइनरी में सोमवार को आग लगने की घटना सामने आई। यह रिफाइनरी सऊदी अरामको द्वारा संचालित की जाती है और लगभग 5,50,000 बैरल प्रतिदिन की क्षमता के साथ दुनिया की महत्वपूर्ण तेल प्रसंस्करण इकाइयों में से एक मानी जाती है। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, आग उस समय लगी जब वायु रक्षा प्रणाली द्वारा इंटरसेप्ट किए गए ईरानी ड्रोन/मिसाइल का मलबा रिफाइनरी परिसर में गिरा।
सरकारी बयान में कहा गया है कि सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने दो ड्रोन को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया, जिससे किसी प्रत्यक्ष हमले को टाल दिया गया। हालांकि, नष्ट किए गए ड्रोन का मलबा औद्योगिक क्षेत्र में गिरने से सीमित स्तर पर आग भड़क उठी। दमकल और आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि घटना में किसी बड़ी जनहानि या गंभीर चोट की सूचना नहीं है।
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने एहतियातन रिफाइनरी के संचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया है और सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई है। मंत्रालय का कहना है कि उत्पादन और निर्यात पर प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक संकेत बताते हैं कि नुकसान सीमित है, लेकिन चूंकि रास तनूरा सऊदी तेल निर्यात का एक प्रमुख केंद्र है, इसलिए वैश्विक ऊर्जा बाजार की नजर इस घटना पर टिकी हुई है।
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए, जिनमें रिफाइनरी परिसर से काले धुएं के घने गुबार उठते दिखाई दे रहे हैं। ये वीडियो तेजी से वायरल हुए और क्षेत्रीय तनाव की गंभीरता को दर्शाते हैं। हालांकि अधिकारियों ने स्थिति को “नियंत्रण में” बताया है और कहा है कि आग सीमित दायरे में थी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब मध्य पूर्व में अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज हो चुका है। हाल के दिनों में ड्रोन और मिसाइल हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें ऊर्जा अवसंरचना भी संभावित लक्ष्य बनी है। क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखा गया है, और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया।
सऊदी अधिकारियों ने कहा है कि विस्तृत तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष जारी किए जाएंगे। फिलहाल रिफाइनरी परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच यह घटना ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक बाजार स्थिरता के लिए एक और महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।




