राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 2 अप्रैल 2026
राहुल ने अजय मलिक का मामला उठाया, बोले—15 साल सेवा के बाद भी न प्रमोशन, न कमान का अधिकार
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने CAPF जवानों के मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक का जिक्र करते हुए कहा कि एक अफसर, जिसने नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में IED ब्लास्ट में अपना एक पैर खो दिया, उसे बदले में क्या मिला? 15 साल की सेवा के बाद भी न प्रमोशन और न ही अपनी ही फोर्स को लीड करने का अधिकार। राहुल गांधी ने कहा—यह सिर्फ एक आदमी की कहानी नहीं, बल्कि हजारों जवानों की हकीकत है।
उन्होंने साफ कहा कि CAPF के जवान देश के सबसे मुश्किल मोर्चों पर तैनात रहते हैं। ये लोग आतंकवाद से लड़ते हैं, नक्सलियों का सामना करते हैं और चुनाव जैसे बड़े लोकतांत्रिक कामों को सुरक्षित कराते हैं। लेकिन जब उनके अधिकार और करियर की बात आती है, तो सिस्टम उनके साथ खड़ा नहीं होता। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ऊपर के ज्यादातर पद IPS अफसरों के लिए रिजर्व कर दिए जाते हैं, जिससे CAPF के अपने अफसर पीछे रह जाते हैं।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि इस भेदभाव के खिलाफ खुद जवान आवाज उठा रहे हैं और मामला Supreme Court of India तक पहुंच चुका है। इसके बावजूद सरकार इस व्यवस्था को बदलने के बजाय उसे और मजबूत करने में लगी है, जो गलत है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यह सिर्फ नौकरी या प्रमोशन का मामला नहीं है। अगर देश की सुरक्षा करने वाले जवानों का मनोबल टूटेगा, तो इसका असर सीधे देश की सुरक्षा पर पड़ेगा। राहुल गांधी ने कहा कि जो लोग हर दिन अपनी जान जोखिम में डालते हैं, उन्हें सम्मान और बराबरी का हक मिलना ही चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस का रुख साफ है—CAPF जवानों के साथ भेदभाव खत्म होना चाहिए। अगर उनकी सरकार आती है, तो इस व्यवस्था को बदला जाएगा और जवानों को अपनी फोर्स का नेतृत्व करने का पूरा अधिकार दिया जाएगा।




