एबीसी नेशनल न्यूज | सुल्तानपुर | 23 फरवरी 2026
कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में दिवंगत रामचेत मोची के परिवार से मुलाकात कर न केवल संवेदना व्यक्त की बल्कि मेहनत और हुनर की विरासत को सम्मान देने का संदेश भी दिया। राहुल गांधी ने परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर उनका हाल-चाल जाना और रामचेत मोची के जीवन संघर्ष, कारीगरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से बातचीत की। मुलाकात के दौरान यह भाव स्पष्ट दिखा कि भले ही रामचेत अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपने बच्चों को जो हुनर, आत्मसम्मान और मेहनत की सीख दी, वही आज उनके परिवार की सबसे बड़ी ताकत बनकर खड़ी है। राहुल गांधी ने परिवार को भरोसा दिलाया कि समाज में कारीगरों और मेहनतकश लोगों की पहचान और सम्मान सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि उनकी अगली पीढ़ी आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बन सके।
परिवार के सदस्यों ने राहुल गांधी को बताया कि रामचेत मोची ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने काम के प्रति ईमानदारी और लगन बनाए रखी और बच्चों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। राहुल गांधी ने इस विरासत को देश की पारंपरिक कारीगरी और श्रम संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि हुनर को उचित अवसर और बाजार से जोड़ना समय की जरूरत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब मेहनत और कौशल को सम्मान मिलेगा तभी प्रतिभा को वास्तविक सफलता मिल सकेगी। मुलाकात के दौरान स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भी मौजूदगी रही, जिन्होंने इसे आम कारीगर परिवारों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकार का संदेश बताया।
इस मुलाकात को कांग्रेस नेताओं ने सामाजिक न्याय, श्रमिक सम्मान और पारंपरिक हुनर को आर्थिक मजबूती से जोड़ने की पहल के रूप में प्रस्तुत किया है। स्थानीय स्तर पर भी इस दौरे की चर्चा रही, जहां लोगों ने उम्मीद जताई कि ऐसे संवाद से कारीगर समुदाय की समस्याएं और जरूरतें राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनेंगी। राहुल गांधी ने परिवार को हरसंभव सहयोग और मनोबल बनाए रखने की सलाह देते हुए कहा कि रामचेत मोची की मेहनत और ईमानदारी ही उनके बच्चों के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है, और यही विरासत उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देगी।




