राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 18 मार्च 2026
लोकसभा में नेता विपक्ष Rahul Gandhi ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक और उनके परिवार से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और संघर्ष को विस्तार से सुना। इस मुलाकात में CAPF अधिकारियों के करियर, पदोन्नति और अधिकारों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आए।अजय मलिक ने बताया कि उन्होंने करीब 15 वर्षों तक देश की सेवा की, लेकिन इसके बावजूद उन्हें और उनके जैसे कई अधिकारियों को आगे बढ़ने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। मौजूदा व्यवस्था में CAPF अधिकारियों को उच्च पदों तक पहुंचने में 25 से 30 साल तक लग जाते हैं, जिससे उनका मनोबल प्रभावित होता है।
मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि CAPF के कई वरिष्ठ पद भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के लिए आरक्षित हैं। इसके चलते फोर्स के अपने अधिकारियों के लिए शीर्ष पदों तक पहुंचने के अवसर सीमित हो जाते हैं। समय पर प्रमोशन नहीं मिलने से न सिर्फ करियर ग्रोथ रुकती है, बल्कि वेतन वृद्धि और उससे जुड़ी सुविधाएं भी प्रभावित होती हैं।
इस मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा कि देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले CAPF अधिकारियों के साथ न्याय होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग सालों तक देश की सेवा करते हैं, क्या उन्हें सम्मान और बराबरी का अवसर नहीं मिलना चाहिए?
गौरतलब है कि Supreme Court of India ने मई 2025 में इस व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार इस प्रणाली को स्थायी बनाने के लिए कानून लाने की दिशा में काम कर रही है, जिससे सुधार की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
इस मुलाकात के बाद CAPF अधिकारियों के मुद्दे एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गए हैं। अब यह देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और क्या लंबे समय से उठ रही इन मांगों का कोई समाधान निकल पाता है।




