राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | असम | 5 अप्रैल 2026
असम की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, जहां कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष Rahul Gandhi ने बीजेपी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah और असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने मिलकर असम को “BJP का ATM” बना दिया है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है और इस मुद्दे पर नई बहस शुरू हो गई है। राहुल गांधी ने कहा कि असम की जमीन और संसाधनों का इस्तेमाल जनता के हित में नहीं किया जा रहा, बल्कि चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसी न किसी बहाने से आम लोगों की जमीनें अधिग्रहित करती है और फिर उन्हें बड़े कॉरपोरेट घरानों—अडानी, अंबानी और रामदेव जैसे नामों—को सौंप देती है। राहुल गांधी के अनुसार, इसके बदले में बीजेपी को भारी आर्थिक लाभ मिलता है, जो करोड़ों और अरबों रुपये तक पहुंचता है।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की नीतियों का सबसे ज्यादा असर गरीबों, किसानों और छोटे व्यापारियों पर पड़ता है। उनका दावा था कि जिन लोगों की जमीनें ली जाती हैं, उन्हें न तो सही मुआवजा मिलता है और न ही कोई ठोस विकल्प दिया जाता है, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ता है। राहुल गांधी ने इसे केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय से जुड़ा बड़ा सवाल बताया और कहा कि इससे असमानता और बढ़ती है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार की प्राथमिकताएं बदल चुकी हैं और अब आम जनता के बजाय बड़े उद्योगपतियों को प्राथमिकता दी जा रही है। उनका आरोप था कि असम जैसे संसाधन-समृद्ध राज्य में भी स्थानीय लोगों को उनका हक नहीं मिल पा रहा और विकास का फायदा सीमित लोगों तक ही सिमट कर रह गया है। इस तरह की स्थिति लोकतंत्र और समान अवसर के सिद्धांतों के खिलाफ है।
हालांकि, राहुल गांधी के इन आरोपों पर अभी तक बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज हो सकता है। असम की राजनीति पहले से ही संवेदनशील है और ऐसे बयान माहौल को और गरमा सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के आरोप राजनीति का हिस्सा होते हैं, लेकिन इनकी सच्चाई का पता तथ्यों और जांच के आधार पर ही चल सकता है। जमीन अधिग्रहण और उद्योगों को लेकर नीतियां हमेशा विवाद में रही हैं और यही कारण है कि यह मुद्दा जनता के बीच तेजी से असर डालता है। राहुल गांधी के इस बयान ने असम में एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। अब नजर इस बात पर टिकी है कि बीजेपी इन आरोपों का क्या जवाब देती है और यह मुद्दा आगे किस दिशा में बढ़ता है।




