एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 23 फरवरी 2026
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कई मुद्दों को लेकर गंभीर आरोप लगाए और सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। एक सार्वजनिक कार्यक्रम और सोशल मीडिया संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि देश में असली शर्म की बात विपक्ष की आलोचना नहीं बल्कि वे फैसले और विवाद हैं, जिनसे देश की संस्थाओं, अर्थव्यवस्था और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
Epstein फाइल्स और कथित संबंधों को लेकर हमला
राहुल गांधी ने अपने बयान में कथित “Epstein फाइल्स” का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी भी भारतीय राजनीतिक या कारोबारी नाम का ऐसे आपराधिक प्रकरणों से जुड़ना सामने आता है तो यह गंभीर चिंता का विषय होना चाहिए। उन्होंने सरकार से पारदर्शिता और स्पष्ट जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि ऐसे मामलों में सच्चाई क्या है और सरकार का रुख क्या है।
ट्रेड डील और डेटा सुरक्षा पर सवाल
कांग्रेस नेता ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौतों को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इन समझौतों से देश के आर्थिक हितों और डेटा सुरक्षा को नुकसान पहुंच सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते में राष्ट्रीय हित, घरेलू उद्योग और डिजिटल संप्रभुता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से संसद में विस्तृत चर्चा और पारदर्शिता की मांग दोहराई।
किसान और टेक्सटाइल सेक्टर का मुद्दा
राहुल गांधी ने किसानों की आय, कृषि संकट और टेक्सटाइल उद्योग की स्थिति को भी अपने हमले का केंद्र बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतिगत फैसलों और बाजार परिस्थितियों के कारण किसानों और पारंपरिक उद्योगों को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पा रहा है। उनके अनुसार रोजगार आधारित क्षेत्रों—विशेषकर टेक्सटाइल—को मजबूत करने के लिए ठोस नीति और वित्तीय सहयोग की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान स्थिति में छोटे उद्यम दबाव में हैं।
अडानी और कॉरपोरेट मुद्दों पर सरकार से जवाब की मांग
अपने बयान में राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी भी कारोबारी समूह पर विदेशी स्तर पर जांच या आरोप सामने आते हैं तो सरकार को स्पष्ट और निष्पक्ष रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर जवाब मांग रहा है, लेकिन पर्याप्त कार्रवाई या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया, जिससे राजनीतिक विवाद बढ़ा है।
राजनीतिक संदेश और कांग्रेस की रणनीति
राहुल गांधी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि विपक्ष सरकार से सवाल उठाने और लोकतांत्रिक जवाबदेही सुनिश्चित करने का काम जारी रखेगा। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी देशहित से जुड़े मुद्दों पर पीछे नहीं हटेगी और जनता की आवाज़ को संसद और सड़क दोनों जगह उठाती रहेगी।
बीजेपी की ओर से कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक बयानबाज़ी बताते हुए कहा गया है कि सरकार पारदर्शिता और विकास के एजेंडे पर काम कर रही है और विपक्ष निराधार आरोपों के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।




