एबीसी नेशनल न्यूज | तेहरान / तेल अवीव | 4 मार्च 2026
तेल अवीव, इजरायल – आज सुबह ईरान की ओर से इजरायल के प्रमुख शहर तेल अवीव पर किए गए अभूतपूर्व मिसाइल हमलों ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। ये हमले इजरायल की राजधानी क्षेत्र में क्लस्टर बमों से लैस बैलिस्टिक मिसाइलों की बारिश के रूप में हुए, जिसके कारण शहर के कई हिस्सों में विस्फोटों की गूंज सुनाई दी और हजारों नागरिकों को सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। ईरान की सरकारी मीडिया ने इन हमलों को ‘जवाबी कार्रवाई’ करार दिया है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि वे अभी भी अपने पुराने गोला-बारूद भंडार का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन इन हथियारों की तीव्रता ने इजरायली रक्षा प्रणाली को भी चुनौती दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय जब सायरन बजने शुरू हुए, तो लोग घरों, दफ्तरों और सड़कों से निकलकर शेल्टर की ओर दौड़े, और कई जगहों पर मलबे के ढेर लग गए जहां मिसाइलों के टुकड़े गिरे। इजरायली सेना ने इन हमलों में कम से कम 10 से 15 नागरिकों की मौत की पुष्टि की है, जबकि दर्जनों घायल हो गए, और अस्पतालों में आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी गई है। ईरान का कहना है कि यह हमला इजरायल की हालिया आक्रामक कार्रवाइयों का बदला है, जिसमें ईरानी नेतृत्व को निशाना बनाया गया था, लेकिन इजरायल ने इसे ‘युद्ध अपराध’ बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है। शहर के व्यस्त इलाकों जैसे रामत गान और पेटाह टिकवा में क्लस्टर बमों के प्रभाव से इमारतों की छतें छलनी हो गईं, और सड़कों पर वाहनों में आग लग गई, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि ऐसा दृश्य उन्होंने पहले कभी नहीं देखा, जहां आकाश में मिसाइलों की चमक और विस्फोटों की धमक ने पूरे शहर को युद्धक्षेत्र में बदल दिया।
इजरायली सरकार ने इन हमलों के बाद पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है, और प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया कि वे ईरान की इस आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देंगे, लेकिन साथ ही नागरिकों से शांत रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई। ईरान की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि उनके हमलों ने इजरायली रक्षा प्रणाली आयरन डोम को कई जगहों पर चकमा दिया, जिसके परिणामस्वरूप तेल अवीव के केंद्रीय हिस्सों में सीधे प्रभाव पड़े। प्रत्यक्षदर्शी वीडियो जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, उनमें लोग सड़कों पर दौड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि पृष्ठभूमि में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, क्लस्टर बमों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन है, क्योंकि ये हथियार नागरिक क्षेत्रों में अंधाधुंध क्षति पहुंचाते हैं, और संयुक्त राष्ट्र से इसकी जांच की मांग की जा रही है। ईरान की सरकारी एजेंसी आईआरएनए ने बयान जारी कर कहा कि यह हमला केवल शुरुआत है और वे इजरायल को ‘गाजा की तरह खंडहर’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, हालांकि इजरायली अधिकारियों ने इन दावों को प्रचार बताते हुए खारिज कर दिया है। शहर के निवासियों में दहशत का माहौल है, जहां कई परिवारों ने अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है, और स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह संघर्ष अब क्षेत्रीय युद्ध की ओर बढ़ रहा है, जिसमें लेबनान और अन्य पड़ोसी देश भी शामिल हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल इजरायल की सेना ईरानी ठिकानों पर जवाबी हमले कर रही है, जिससे ईरान में भी भारी नुकसान की खबरें आ रही हैं।
इस बीच, एक चौंकाने वाली घटना में, सीएनएन के एक संवाददाता को तेल अवीव में लाइव प्रसारण के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया, जिसने मीडिया की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्टर, जो ईरानी हमलों के बाद की स्थिति को कवर कर रहे थे, को इजरायली सुरक्षा बलों ने हिरासत में ले लिया, और उनका लाइव ब्रॉडकास्ट अचानक बंद हो गया। सीएनएन ने इस घटना की निंदा की है और रिपोर्टर की तत्काल रिहाई की मांग की है, जबकि इजरायली अधिकारियों ने कहा कि यह संवेदनशील सैन्य क्षेत्र में अनधिकृत रिपोर्टिंग के कारण हुआ। इस गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में हलचल मचा दी है, जहां कई संगठनों ने इसे प्रेस की आजादी पर हमला बताया है। ईरान ने इस घटना को इजरायल की ‘डर की निशानी’ करार दिया है, दावा करते हुए कि इजरायल नहीं चाहता कि दुनिया को उनके शहरों पर हो रहे हमलों की वास्तविकता पता चले। संघर्ष के इस चरण में, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, आम नागरिकों की स्थिति सबसे दयनीय बनी हुई है, और वैश्विक शक्तियां जैसे अमेरिका और रूस से मध्यस्थता की अपेक्षा की जा रही है। इजरायल की अर्थव्यवस्था पर भी इन हमलों का गहरा असर पड़ रहा है, जहां स्टॉक मार्केट में गिरावट आई है और पर्यटन उद्योग ठप हो गया है। कुल मिलाकर, यह हमला इजरायल-ईरान संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ रहा है, जहां शांति की संभावनाएं धूमिल हो रही हैं और युद्ध की आग और फैल सकती है।




