एबीसी नेशनल न्यूज | तेल अवीव/ तेहरान | 3 मार्च 2026
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इज़राइल के साथ ईरान के बीच छिड़े युद्ध ने अब चौथे दिन में प्रवेश कर लिया है, और स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। ईरान ने इज़राइल पर लगातार बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों की बौछार कर दी है, जिसमें तेल अवीव, हाइफा और पूर्वी जेरूसलम जैसे प्रमुख शहरों को निशाना बनाया गया है। ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने तेल अवीव के सरकारी कॉम्प्लेक्स, हाइफा के मिलिट्री सेंटर्स और अन्य सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। इन हमलों से तेल अवीव के रिहायशी इलाकों में भारी तबाही मची हुई है – इमारतें आंशिक रूप से ढह गई हैं, सड़कों पर मलबा बिखरा पड़ा है, जलती हुई कारें और टूटी खिड़कियां हर तरफ नजर आ रही हैं। कई वीडियो और फुटेज में लोग बम शेल्टर की ओर भागते दिख रहे हैं, जबकि सायरन की आवाजें पूरे शहर में गूंज रही हैं।
ये हमले 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हमलों का जवाब हैं, जिनमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई शीर्ष नेता मारे गए थे। ईरान ने फतह हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया है, जिन्हें ईरानी मीडिया ने “अनस्टॉपेबल” बताया है, हालांकि इज़राइल के आयरन डोम और अन्य एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश मिसाइलों को रोका है। फिर भी कुछ मिसाइलें डिफेंस को भेदकर लगी हैं, जिससे तेल अवीव में एक रिहायशी इमारत पर डायरेक्ट हिट हुआ, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए। इज़राइली अधिकारियों के अनुसार, कुल मिलाकर इज़राइल में अब तक 11 मौतें हुई हैं, जबकि ईरान में अमेरिका-इज़राइल के हमलों से 555 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिसमें स्कूलों और अस्पतालों पर हमले शामिल हैं। तेल अवीव के कुछ इलाकों में मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहे हैं, और शहर की सड़कों पर क्षतिग्रस्त वाहन, टूटे शीशे और आग के गोले जैसी तस्वीरें गाजा की याद दिला रही हैं – हालांकि गाजा की तरह पूरे शहर की विनाशकारी तबाही नहीं हुई है, लेकिन लोकल स्तर पर भयावह डर और नुकसान फैल चुका है।
युद्ध अब क्षेत्रीय स्तर पर फैल रहा है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है, गल्फ देशों जैसे सऊदी अरब, यूएई और बहरीन पर भी हमले किए हैं, और अमेरिकी एम्बेसी रियाद पर ड्रोन अटैक हुआ है। हिजबुल्लाह ने लेबनान से रॉकेट दागे हैं, जबकि इज़राइल ने बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह युद्ध 4-5 हफ्तों या उससे अधिक समय तक चल सकता है, लेकिन “अंतहीन” नहीं होगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका और इज़राइल का लक्ष्य ईरान में रिजीम चेंज लाना है, साथ ही ईरान की मिसाइल क्षमता, नौसेना और न्यूक्लियर प्रोग्राम को नष्ट करना है। अमेरिका ने हजारों टारगेट्स पर हमले किए हैं, और अब दूसरी लहर की तैयारी में है।
इस युद्ध में अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं – कई विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका मिडिल ईस्ट के संघर्षों को हथियार बेचने और मिलिट्री एड के जरिए फायदा उठाता रहा है, ठीक वैसे ही जैसे यूक्रेन युद्ध में हुआ। यहां भी बड़े पैमाने पर हथियार सप्लाई और आर्थिक लाभ की संभावना है। स्थिति अत्यंत नाजुक है, और लाखों निर्दोष नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। शांतिपूर्ण समाधान की सख्त जरूरत है, वरना यह युद्ध पूरे क्षेत्र को तबाह कर सकता है। विश्वसनीय स्रोतों से अपडेट्स के लिए नजर रखें, क्योंकि हर घंटे नई घटनाएं सामने आ रही हैं।




