अखलाक अहमद | नई दिल्ली | 17 फरवरी 2026
कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को लेकर फिर से आक्रामक तेवर दिखाए हैं। AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने हाल में दिए गए पुरी के एक इंटरव्यू को आधार बनाते हुए कहा कि “सवालों से भागने की कोशिश” की जा रही है। खेड़ा के मुताबिक 17 मिनट के इंटरव्यू में अधिकतर समय सफाई देने और राहुल गांधी पर हमला करने में बीता, लेकिन मुख्य आरोपों पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
पवन खेड़ा ने कहा कि राहुल गांधी को “Epstein के दोस्तों के वैलिडेशन” की जरूरत नहीं है। उनका आरोप है कि हरदीप पुरी के बयान लगातार बदल रहे हैं। एक इंटरव्यू में पुरी ने कहा—“In hindsight it was a mistake, after that I did not have much contact.” जबकि पहले उन्होंने कहा था कि वे असहज (uneasy) हो गए थे। कांग्रेस का सवाल है कि यदि वे असहज थे, तो संपर्क क्यों जारी रहा?
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 2014 से 2017 के बीच हरदीप पुरी और दिवंगत कारोबारी Jeffrey Epstein के बीच 62 ईमेल का आदान-प्रदान हुआ। इसके अलावा जून, सितंबर और अक्टूबर 2014 में हुई कथित बैठकों का हवाला देते हुए खेड़ा ने पूछा कि उन बैठकों में क्या चर्चा हुई और उस समय पुरी किस आधिकारिक हैसियत से मिल रहे थे।
खेड़ा ने यह भी सवाल उठाया कि मई 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद जून 2014 से ये मुलाकातें क्यों शुरू हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पारदर्शिता से बच रही है और पूरे मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए।
हालांकि, इन आरोपों पर हरदीप सिंह पुरी या केंद्र सरकार की ओर से ताजा आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे पहले पुरी ने अपने संपर्कों को “सीमित” और “भूल” बताया था।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक टकराव का नया केंद्र बनता दिख रहा है। कांग्रेस इसे जवाबदेही का मुद्दा बता रही है, जबकि सत्तापक्ष इसे विपक्ष की राजनीतिक रणनीति करार दे सकता है। आने वाले दिनों में इस विवाद के और तीखा होने के संकेत मिल रहे हैं।




