एबीसी नेशनल न्यूज | लखनऊ | 13 मार्च 2026
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देश के प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक नेताओं के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर और कांशीराम जैसे नेताओं ने अपने सिद्धांतों और विचारधारा से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने अपने जीवन भर सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्ष किया और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने रास्ते से पीछे नहीं हटे।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा को अपनी राजनीति का आधार बनाया और देश को आजादी दिलाने के लिए लंबा आंदोलन चलाया। वहीं बाबा साहेब अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से सामाजिक न्याय और बराबरी की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने भी वंचित और दलित समाज को राजनीतिक रूप से संगठित करने का काम किया और उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मजबूत आवाज दी। राहुल गांधी के अनुसार इन तीनों नेताओं की राजनीति सिद्धांतों और विचारों पर आधारित थी, जिसमें किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया।
इस दौरान राहुल गांधी ने वीर सावरकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी राजनीति में समझौते की प्रवृत्ति दिखाई देती रही है। उन्होंने कहा कि गांधी, अंबेडकर और कांशीराम जैसे नेताओं की तुलना में सावरकर और नरेंद्र मोदी की राजनीति अलग तरह की रही है और इसमें कई बार समझौते किए गए हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और अलग-अलग दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान संविधान, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के मुद्दे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था तभी मजबूत रह सकती है जब राजनीतिक दल और नेता अपने मूल सिद्धांतों और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहें। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति को ऐसे नेताओं की जरूरत है जो अपने विचारों और सिद्धांतों के प्रति ईमानदार रहें और समाज के सभी वर्गों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए काम करें।




