एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 14 फरवरी 2026
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रस्तावित व्यापार समझौता भारत के किसानों के हितों के खिलाफ है और यह उनके साथ “विश्वासघात” के समान है। संसद परिसर में किसान यूनियनों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सामान्य व्यापार डील नहीं, बल्कि देश के अन्नदाताओं की आजीविका पर सीधा प्रहार है।
राहुल गांधी ने कहा कि महंगाई, बढ़ती लागत और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की अनिश्चितता से पहले ही जूझ रहे किसानों को अब भारी सब्सिडी और अत्याधुनिक मशीनरी से लैस विदेशी कृषि उत्पादों के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किए बिना खड़ा किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह बराबरी की प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि एकतरफा दबाव की स्थिति है, जिसमें भारतीय किसान कमजोर स्थिति में हैं।
उन्होंने कहा कि किसान प्रतिनिधियों की चिंता साफ झलक रही थी। उनका आरोप है कि सरकार की ओर से दिए जा रहे आश्वासन खोखले साबित हो रहे हैं और किसानों के भविष्य से जुड़ा कोई भी फैसला उनकी सहमति और विश्वास के बिना नहीं लिया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि “किसानों के भविष्य का सौदा उनकी सहमति के बिना नहीं हो सकता।”
इस बयान के माध्यम से राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की नीतियों पर सीधा निशाना साधा और कहा कि किसान अब स्थिति को समझ चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के अन्नदाताओं के हक़, सुरक्षा और सम्मान के लिए उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और संसद से सड़क तक उनकी आवाज़ उठाती रहेगी।
वहीं सरकार की ओर से अब तक यह कहा गया है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में राष्ट्रीय हितों की रक्षा सर्वोपरि है और किसानों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। हालांकि विपक्ष का कहना है कि जब तक स्पष्ट नीति, कानूनी गारंटी और सुरक्षा उपाय सामने नहीं आते, तब तक किसानों की आशंकाएं दूर नहीं होंगी।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रहने की संभावना है, क्योंकि व्यापार समझौते, कृषि नीति और MSP जैसे विषय सीधे तौर पर देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और करोड़ों किसानों की आजीविका से जुड़े हुए हैं।



