स्कर्दू (गिलगित-बाल्टिस्तान) | 28 फरवरी 2026
पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र के स्कर्दू में आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद ईरान के समर्थन में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और अमेरिका तथा पश्चिमी देशों के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने संयुक्त राष्ट्र से जुड़े एक कार्यालय को निशाना बनाते हुए उसमें आग लगा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रदर्शन शांतिपूर्ण मार्च के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन बाद में भीड़ उग्र हो गई। कई स्थानों पर टायर जलाए गए और मुख्य सड़कों को अवरुद्ध कर दिया गया। संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध एक स्थानीय कार्यालय में आगजनी की घटना के बाद प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, हालांकि भवन को काफी नुकसान पहुंचने की सूचना है।
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि आगजनी और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी बड़े पैमाने पर हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन तनाव बना हुआ है।
स्कर्दू और आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवाओं की रफ्तार धीमी होने और कुछ जगहों पर एहतियातन प्रतिबंध लगाए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रम का असर सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों तक पहुंच रहा है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ सकता है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और ईरान से जुड़ी घटनाएं व्यापक प्रतिक्रियाएं पैदा कर रही हैं। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




