वाशिंगटन 2 नवंबर 2025
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को हिला देने वाली रिपोर्ट में मियामी हेराल्ड ने खुलासा किया है कि अमेरिका ने वेनेज़ुएला के अंदर कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी रक्षा विभाग ने संभावित लक्ष्यों की सूची तैयार कर ली है, जिनमें एयरबेस, नौसैनिक बंदरगाह और हथियार गोदाम शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन “ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ कार्रवाई” के नाम पर तैयार किया जा रहा है, लेकिन रणनीतिक हलकों में इसे वेनेज़ुएला की संप्रभुता पर सीधा हमला माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कार्रवाई न सिर्फ अमेरिका और वेनेज़ुएला के रिश्तों को तोड़ेगी, बल्कि क्षेत्रीय अस्थिरता और रूस-चीन के विरोध को भी जन्म दे सकती है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसियों ने पिछले कुछ महीनों में वेनेज़ुएला के “कार्टेल ऑफ द सन्स” नेटवर्क से जुड़े ठिकानों की जासूसी की है। अब उन्हीं पर प्रिसिजन एयरस्ट्राइक की तैयारी चल रही है। सूत्रों का कहना है कि पेंटागन ने इन ठिकानों की सैटेलाइट मॉनिटरिंग शुरू कर दी है और एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप कैरिबियन क्षेत्र के नज़दीक तैनात किए जा चुके हैं। इस संभावित सैन्य अभियान के चलते दक्षिण अमेरिका में तनाव बढ़ गया है और कई देशों ने इसे “लैटिन अमेरिका में अमेरिकी वर्चस्व स्थापित करने की पुरानी नीति का पुनरावर्तन” बताया है।
हालांकि व्हाइट हाउस ने अब तक ऐसी किसी योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन रिपोर्ट्स से यह साफ है कि अमेरिका अंदरखाते कार्रवाई के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है। रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि “अगर यह हमला हुआ तो यह 21वीं सदी में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप का नया अध्याय होगा,” क्योंकि यह सीधे तौर पर एक स्वतंत्र राष्ट्र के अंदर कार्रवाई होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक स्तर पर नए शक्ति-संतुलन को जन्म दे सकता है, जिसमें चीन, रूस और ईरान जैसे देश अमेरिका के विरोध में खुलकर खड़े हो सकते हैं। इस तरह, वेनेज़ुएला अब सिर्फ दक्षिण अमेरिका का संकट नहीं, बल्कि संभावित अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का केंद्र बनता जा रहा है।




