एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली / कोलंबो | 5 मार्च 2026
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने अब समुद्री मोर्चा भी खोल दिया है। हिंद महासागर में श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के युद्धपोत ‘आईआरआईएस डेना’ (IRIS Dena) पर टॉरपीडो से हमला कर उसे समुद्र में डुबो दिया। बताया जा रहा है कि यह हमला ईरान के तट से करीब 2000 मील दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुआ, जिससे पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया है।
इस हमले के बाद तेहरान की प्रतिक्रिया बेहद तीखी रही। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर समुद्र में “जघन्य अपराध” करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि इस कार्रवाई के लिए अमेरिका को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन को इस हमले का कड़वा पछतावा होगा।
सूत्रों के मुताबिक हमले के बाद जहाज पर मौजूद कई ईरानी नाविकों को बचा लिया गया और उन्हें इलाज के लिए श्रीलंका के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हालांकि इस घटना के बाद हिंद महासागर में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं और क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला केवल एक नौसैनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि पश्चिम एशिया में चल रहे बड़े संघर्ष का नया और खतरनाक चरण है। अमेरिका और उसके सहयोगी जहां ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ा रहे हैं, वहीं ईरान भी साफ संकेत दे चुका है कि वह इस हमले का जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
हिंद महासागर में हुई इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। ऐसे में यहां बढ़ता सैन्य तनाव वैश्विक व्यापार, तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल सकता है।




