अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | तेहरान/वाशिंगटन | 20 मार्च 2026
मध्य-पूर्व में जारी खतरनाक और तेजी से फैलते युद्ध के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ने देशवासियों के नाम एक अहम और भावनात्मक संदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने ईरानी जनता के धैर्य, साहस और एकजुटता की खुलकर सराहना की है। अपने संबोधन में खामेनेई ने कहा कि मौजूदा कठिन परिस्थितियों में जिस तरह आम आदमी मजबूती से खड़ा है, वही इस लड़ाई की असली ताकत है और यही वह कारण है जिससे दुश्मनों की रणनीतियां लगातार नाकाम हो रही हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि युद्ध सिर्फ हथियारों से नहीं, बल्कि हौसले और विश्वास से भी लड़ा जाता है, और ईरान की जनता इस मोर्चे पर पूरी तरह मजबूत साबित हो रही है।
खामेनेई ने अपने संदेश में अमेरिका और इज़राइल पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों देशों ने ईरान पर दबाव बनाने, नेतृत्व को कमजोर करने और आंतरिक अस्थिरता पैदा करने की हर संभव कोशिश की, लेकिन वे अपने मकसद में सफल नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि दुश्मनों को यह समझ लेना चाहिए कि ईरान कोई ऐसा देश नहीं है जिसे धमकियों या हमलों से झुकाया जा सके। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अफवाहों और मनोवैज्ञानिक दबाव से दूर रहें और देश के हित में एकजुट होकर खड़े रहें, क्योंकि यही एकजुटता ईरान को हर चुनौती से पार ले जाएगी।
अपने संबोधन में सुप्रीम लीडर ने यह भी स्पष्ट किया कि यह संघर्ष सिर्फ सैन्य टकराव नहीं है, बल्कि यह देश की संप्रभुता, सम्मान और आत्मनिर्भरता की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जब कोई राष्ट्र अपने सिद्धांतों और आत्मसम्मान के लिए खड़ा होता है, तो उसे हर तरह की कीमत चुकाने के लिए तैयार रहना पड़ता है, और ईरान इस परीक्षा से पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आने वाले दिन और कठिन हो सकते हैं, लेकिन यदि जनता का भरोसा और समर्थन इसी तरह बना रहा, तो किसी भी बाहरी ताकत के लिए ईरान को कमजोर करना संभव नहीं होगा।
इस बीच जंग के हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं, जहां एक तरफ अमेरिका और इज़राइल की ओर से सैन्य कार्रवाइयों का सिलसिला जारी है, वहीं दूसरी ओर ईरान भी लगातार जवाबी हमले कर रहा है। खाड़ी क्षेत्र, रणनीतिक ठिकानों और सैन्य अड्डों को निशाना बनाए जाने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस युद्ध के व्यापक असर देखने को मिल रहे हैं, जिनमें वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव, व्यापार मार्गों पर खतरा और कई देशों द्वारा अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करना शामिल है।
खामेनेई के इस संदेश को सिर्फ एक औपचारिक बयान नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने साफ कर दिया है कि ईरान इस संघर्ष में पीछे हटने वाला नहीं है और यह लड़ाई लंबी चल सकती है। जनता को मनोबल बनाए रखने का आह्वान, दुश्मनों को कड़ी चेतावनी और राष्ट्रीय एकता पर जोर—इन तीनों बातों के जरिए ईरान ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में हालात और भी ज्यादा जटिल हो सकते हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह टकराव किस दिशा में आगे बढ़ता है—क्या यह और बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप लेगा या फिर कूटनीतिक कोशिशें किसी समाधान तक पहुंच पाएंगी।




