एबीसी नेशनल न्यूज | मॉस्को/नई दिल्ली | 8 मार्च 2026
ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के बीच रूस ने अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वॉशिंगटन और तेल अवीव की सैन्य कार्रवाइयों से पूरे पश्चिम एशिया को बड़े युद्ध की ओर धकेला जा रहा है और इससे अरब देशों को भी संघर्ष में घसीटने की कोशिश हो रही है।
रूस के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ईरान पर किए जा रहे हमलों और क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों से हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। मॉस्को ने चेतावनी दी कि मौजूदा स्थिति में कहीं भी तनाव कम होने के संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं और अगर यह सिलसिला जारी रहा तो इसका असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है।
रूसी अधिकारियों ने कहा कि इस संघर्ष को और भड़काने के बजाय सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए और कूटनीतिक समाधान की दिशा में कदम बढ़ाने चाहिए। रूस का मानना है कि पश्चिम एशिया पहले से ही कई संघर्षों का सामना कर रहा है और किसी बड़े सैन्य टकराव से हालात और गंभीर हो सकते हैं।
मॉस्को ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि वह स्थिति को शांत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाए। रूस का कहना है कि किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई से क्षेत्रीय संघर्ष का दायरा बढ़ सकता है, जिससे वैश्विक शांति और सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा।
उधर पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रम पर दुनिया भर की निगाहें टिकी हुई हैं। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को भी सक्रिय कर दिया है। कई देश इस संकट को शांत करने के लिए बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है, जिसका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है। फिलहाल पश्चिम एशिया में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।




