Home » National » “हर नागरिक के लिए एक समान कानून हमारी प्राथमिकता” — अमित शाह ने दोहराया यूनिफॉर्म सिविल कोड का संकल्प

“हर नागरिक के लिए एक समान कानून हमारी प्राथमिकता” — अमित शाह ने दोहराया यूनिफॉर्म सिविल कोड का संकल्प

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 25 मार्च 2026

देश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लेकर बहस के बीच केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि हर नागरिक के लिए एक समान कानून लागू करना भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता और संकल्प है। उन्होंने कहा कि संविधान के दायरे में रहते हुए ऐसा कानून बनाना जरूरी है, जिससे देश में समानता और न्याय की भावना मजबूत हो सके।

अमित शाह ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि भारत जैसे विविधताओं वाले देश में कानून का एक समान ढांचा होना चाहिए। उनका कहना था कि अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग कानून होने से कई बार असमानता की स्थिति पैदा होती है, जिसे खत्म करना जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कदम किसी धर्म या परंपरा के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है।

गृह मंत्री ने कहा कि बीजेपी लंबे समय से “एक देश, एक कानून” की अवधारणा को आगे बढ़ा रही है और यह उनके मूल एजेंडे का हिस्सा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता से काम कर रही है और समाज के सभी वर्गों से संवाद भी किया जा रहा है, ताकि किसी तरह की गलतफहमी न रहे।

इस मुद्दे पर विपक्ष की आपत्तियों का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल इसे गलत तरीके से पेश कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य केवल न्याय और समानता सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता अब इस विषय को समझ चुकी है और बड़े स्तर पर इसका समर्थन भी मिल रहा है।

राजनीतिक हलकों में अमित शाह के इस बयान को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि आने वाले समय में यह मुद्दा फिर से राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन सकता है। खासकर ऐसे समय में जब कई राज्यों में इस पर चर्चा तेज है, केंद्र सरकार का यह रुख साफ संकेत देता है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर सरकार पीछे हटने के मूड में नहीं है।

कुल मिलाकर, अमित शाह का यह बयान बीजेपी की उस स्पष्ट नीति को फिर सामने लाता है, जिसमें वह देश में एक समान कानून लागू कर सामाजिक और कानूनी समानता की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments