Home » International » यूक्रेन का ड्रोन कहर: रूस की रिफाइनरी और सैन्य एयरबेस तबाह

यूक्रेन का ड्रोन कहर: रूस की रिफाइनरी और सैन्य एयरबेस तबाह

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

मॉस्को/कीव ।  3 अगस्त 2025

रूस पर यूक्रेन ने एक और जबरदस्त ड्रोन हमला कर पलटवार किया है। इस बार निशाना बनीं रूस की ऑयल रिफाइनरी और मिलिट्री एयरस्ट्रिप्स, जिनमें जोरदार विस्फोट हुए। हमले में 3 लोगों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि यूक्रेन की इस रणनीतिक कार्रवाई को कीव में हुए घातक रूसी मिसाइल अटैक का सीधा जवाब माना जा रहा है।

तेल संयंत्र में आग, हवाई पट्टी पर भारी नुकसान

रूस के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन बम सीधे गिराए गए, जिससे वहां भीषण आग लग गई। दमकल की दर्जनों गाड़ियां मौके पर पहुंची लेकिन तब तक संयंत्र में भारी क्षति हो चुकी थी। वहीं, दूसरी ओर एक सैन्य हवाई पट्टी पर हुए हमले में रनवे और कई सैन्य विमानों को नुकसान पहुंचा है।

रूस में मचा हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

हमले के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यूक्रेन के ड्रोन हमलों की संख्या में तेजी आई है और वे अब सीधे सैन्य व औद्योगिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। रूस के आंतरिक मंत्रालय ने यह भी स्वीकार किया है कि देश के भीतर सुरक्षा तंत्र को और मज़बूत करने की आवश्यकता है।

कीव का स्पष्ट संदेश: हर वार का जवाब मिलेगा

यूक्रेन ने इस कार्रवाई को “रक्षा के अधिकार के तहत जवाबी कार्रवाई” बताया है। कीव का कहना है कि जब तक रूस मासूम नागरिकों को निशाना बनाता रहेगा, यूक्रेन चुप नहीं बैठेगा। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस ड्रोन हमले ने रूस के भीतर सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता खड़ी कर दी है।

युद्ध के नए चरण में ड्रोन बने ‘गेमचेंजर’

विश्लेषकों के अनुसार, यह हमला यूक्रेन की बदलती सैन्य रणनीति को दर्शाता है, जिसमें वह सीमाओं के भीतर घुसकर रूस की ‘हार्टलैंड इकॉनमी’ पर चोट कर रहा है। ड्रोन अब केवल सीमाई लड़ाई का हिस्सा नहीं, बल्कि रणनीतिक हमले का हथियार बन चुके हैं। इस हमले के बाद यूरोप और अमेरिका की निगाहें एक बार फिर यूक्रेन-रूस युद्ध की ओर मुड़ गई हैं।

यूक्रेन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रूसी आक्रामकता का जवाब अब सीमित नहीं रहेगा। कीव की नई रणनीति, खासकर ड्रोन आधारित हमलों से, रूस की आंतरिक स्थिरता को चुनौती मिलती दिख रही है। आने वाले दिनों में युद्ध और भी उग्र हो सकता है।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments