नई दिल्ली / लंदन, 9 अक्टूबर 2025
भारत और ब्रिटेन के बीच संबंधों को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ब्रिटिश एयरवेज़ (British Airways) ने घोषणा की है कि वह वर्ष 2026 से लंदन (हीथ्रो) और दिल्ली (इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा) के बीच तीसरी दैनिक उड़ान शुरू करेगी। यह कदम प्रधानमंत्री केयर स्टारमर (Keir Starmer) की भारत यात्रा के दौरान आया है, जब दोनों देशों के बीच नए मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) को गति देने की तैयारी चल रही है।
ब्रिटिश एयरवेज़ ने कहा है कि यह नई उड़ान सेवा दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार, निवेश, पर्यटन और जन-से-जन संपर्क को मजबूती देगी। एयरलाइन के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शॉन डॉयल (Sean Doyle) ने बयान जारी करते हुए कहा कि “भारत और ब्रिटेन के बीच हमारे ऐतिहासिक संबंध सिर्फ राजनीति या व्यापार तक सीमित नहीं हैं। यह साझेदारी संस्कृतियों और संभावनाओं की साझी उड़ान है। नई दिल्ली–लंदन रूट पर तीसरी दैनिक सेवा इसी प्रतिबद्धता का विस्तार है।”
वर्तमान में ब्रिटिश एयरवेज़ भारत के पांच प्रमुख शहरों — दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद — के लिए कुल 56 साप्ताहिक उड़ानें संचालित करती है। नई सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को अधिक लचीलापन, कम प्रतीक्षा समय, और तेज़ कनेक्टिविटी मिलेगी। विशेष रूप से व्यापारिक यात्रियों और निवेशकों के लिए यह नया रूट एक बड़ा लाभ साबित होगा।
प्रधानमंत्री केयर स्टारमर की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने व्यापारिक रिश्तों को और आगे बढ़ाने पर चर्चा की। ब्रिटिश सरकार का मानना है कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) न केवल ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि यह दोनों देशों के निर्यात-आयात संतुलन, सेवा क्षेत्र के विकास और विमानन उद्योग में रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा। स्टारमर ने कहा, “ब्रिटिश एयरवेज़ की यह घोषणा सिर्फ एक एयरलाइन विस्तार नहीं, बल्कि भारत–ब्रिटेन साझेदारी के नए युग की उड़ान है।”
इस घोषणा से न केवल यात्रियों के लिए सुविधाएँ बढ़ेंगी, बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। विशेष रूप से फार्मा, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और ऑटोमोबाइल सेक्टर में निर्यातक कंपनियों को इससे लाभ मिलेगा। साथ ही, दिल्ली और लंदन के बीच बढ़ती यात्रियों की संख्या और वाणिज्यिक मांग इस निर्णय की समयबद्धता को दर्शाती है। एयरलाइन ने बताया कि उड़ान संचालन के लिए अगले वर्ष की तीसरी तिमाही में तैयारी पूरी कर ली जाएगी।
विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम भारत और ब्रिटेन के बीच “न्यू एज इकॉनॉमिक कोलैबोरेशन” का प्रतीक है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है — यूके अब भारत का छठा सबसे बड़ा निवेशक बन गया है, जबकि भारत ब्रिटेन में शीर्ष तीन विदेशी निवेश स्रोतों में शामिल है। तीसरी उड़ान की शुरुआत इस आर्थिक संबंध को और गहराई देगी।
दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी (DIAL) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि “हम ब्रिटिश एयरवेज़ की नई उड़ान सेवा का स्वागत करते हैं। यह न केवल यात्री यातायात बढ़ाएगी बल्कि एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्राउंड स्टाफिंग और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी रोजगार के नए अवसर लाएगी।”
ब्रिटिश एयरवेज़ ने बताया कि नई सेवा अत्याधुनिक Boeing 787 Dreamliner विमानों से संचालित होगी, जिनमें क्लब वर्ल्ड, प्रीमियम इकोनॉमी और वर्ल्ड ट्रैवलर क्लास की सीटें उपलब्ध होंगी। एयरलाइन यात्रियों के लिए पर्यावरण-अनुकूल उड़ानों और कार्बन उत्सर्जन में कमी पर भी ध्यान दे रही है।
कुल मिलाकर, यह घोषणा एक रणनीतिक संकेत है कि ब्रिटेन भारत के साथ अपने संबंधों को न केवल कूटनीतिक, बल्कि वास्तविक आर्थिक और व्यावसायिक साझेदारी में बदलना चाहता है। एयरलाइन सेक्टर में यह कदम दोनों देशों के बीच भरोसे, अवसर और विकास की नई कहानी लिखेगा।




