एबीसी नेशनल न्यूज | अंकारा | 11 मार्च 2026
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष के बीच तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdoğan ने मुस्लिम देशों को एकजुट रहने की अपील करते हुए बड़ा बयान दिया है। एर्दोगान ने कहा कि मौजूदा हालात में मुस्लिम दुनिया को आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ खड़ा होना चाहिए, क्योंकि इस समय क्षेत्र में जो परिस्थितियां बन रही हैं, उनमें बंटवारा नहीं बल्कि एकता सबसे बड़ी ताकत साबित हो सकती है।
अपने संबोधन में एर्दोगान ने कहा कि मुसलमानों को शिया और सुन्नी के आधार पर बांटने की कोशिशें लंबे समय से होती रही हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि इन विभाजनों से ऊपर उठकर एकजुटता दिखाई जाए। उन्होंने कहा, “हम सभी मुसलमान हैं, हम शिया या सुन्नी नहीं हैं। हम सब एक हैं और हमारा धर्म इस्लाम है।”
एर्दोगान का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में Iran–Israel conflict को लेकर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य टकराव और तीखी राजनीतिक बयानबाजी के बीच कई मुस्लिम देशों में चिंता बढ़ रही है कि यह संघर्ष पूरे इलाके को अस्थिर कर सकता है।
तुर्की के राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जब मुस्लिम दुनिया आपसी मतभेदों में उलझी रहती है तो इसका फायदा बाहरी ताकतें उठाती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुस्लिम देशों को आपसी विश्वास और सहयोग को मजबूत करना होगा ताकि क्षेत्रीय संकटों का सामूहिक रूप से सामना किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि एर्दोगान का यह बयान केवल धार्मिक एकता का संदेश नहीं है, बल्कि पश्चिम एशिया की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में एक कूटनीतिक संकेत भी माना जा रहा है। तुर्की लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की कोशिश करता रहा है और कई बार मुस्लिम देशों के बीच सहयोग और एकता की अपील करता रहा है।
ईरान-इजरायल तनाव के बीच एर्दोगान का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब पूरे पश्चिम एशिया की स्थिति पर दुनिया की नजर टिकी हुई है और आने वाले दिनों में क्षेत्रीय देशों के रुख और कूटनीतिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।




