Home » International » ट्रम्प का दोहरा वार: गाजा में दबाव, यूक्रेन को मिसाइल – दुनिया में बढ़ी भूचाल!

ट्रम्प का दोहरा वार: गाजा में दबाव, यूक्रेन को मिसाइल – दुनिया में बढ़ी भूचाल!

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

वॉशिंगटन, 30 सितंबर 2025 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनिया को साफ संदेश दे दिया है कि अब अमेरिका सिर्फ दर्शक नहीं रहेगा। व्हाइट हाउस में इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात में ट्रम्प ने गाजा संघर्ष पर कड़ा और आक्रामक शांति प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव में युद्धविराम, सभी बंधकों की रिहाई, इज़रायली सैनिकों की क्रमबद्ध वापसी और गाजा प्रशासन में बड़े बदलाव जैसी शर्तें शामिल हैं। ट्रम्प ने नेतन्याहू से दो टूक कहा कि अब गाजा में खून-खराबा बंद होना चाहिए और स्थायी समाधान ही एकमात्र रास्ता है। यह अमेरिकी राष्ट्रपति का अब तक का सबसे स्पष्ट संदेश माना जा रहा है, जिसमें इज़रायल पर खुला दबाव डाला गया है।

नेतन्याहू इस बैठक में बचाव की मुद्रा में दिखे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इज़रायल की छवि गाजा में हजारों मौतों के बाद धूमिल हो रही है। नेतन्याहू ने प्रस्ताव पर विचार करने का भरोसा दिया, लेकिन यह भी साफ किया कि इज़रायल अपनी सुरक्षा और हमास के भविष्य पर कोई समझौता नहीं करेगा। ट्रम्प का यह कदम नेतन्याहू सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा कूटनीतिक दबाव है।

इसी के समानांतर, अमेरिकी सीनेटर जे.डी. वेंस ने बड़ा खुलासा किया कि ट्रम्प यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइल देने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। यह कदम रूस के खिलाफ अमेरिका की प्रत्यक्ष और आक्रामक भागीदारी को दर्शाता है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहले ही चेतावनी दी है कि ऐसा कोई कदम “रेड लाइन पार करना” होगा। इससे युद्ध का दायरा और भयानक रूप ले सकता है।

इन दोनों घटनाओं ने मिलकर यह स्पष्ट कर दिया है कि ट्रम्प अमेरिका की विदेश नीति को “फुल स्पेक्ट्रम आक्रामकता” की ओर मोड़ रहे हैं। एक तरफ वे गाजा में नेतन्याहू को झुकाने की कोशिश कर रहे हैं, दूसरी तरफ रूस को सीधी चुनौती दे रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि यह ट्रम्प की रणनीति है — दुनिया को दिखाना कि अमेरिका फिर से वैश्विक राजनीति का असली निर्णायक बन चुका है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब बंटी हुई है। कुछ देश ट्रम्प के शांति प्रस्ताव को “साहसिक कदम” बता रहे हैं, तो कुछ इसे अमेरिका की दखलअंदाजी और दबाव की राजनीति कह रहे हैं। लेकिन एक बात साफ है — ट्रम्प ने एक ही दिन में दुनिया के दो सबसे बड़े संघर्ष मोर्चों पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है, और अब पूरी दुनिया सांस रोककर देख रही है कि आने वाले हफ्तों में यह खेल किस मोड़ पर जाता है।

 

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments