जेरूसलम, 13 अक्तूबर 2025
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को इजरायल की संसद (कनेस्सेट) में अपने ऐतिहासिक संबोधन के दौरान अरब और मुस्लिम देशों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि गाज़ा के “सुरक्षित पुनर्निर्माण” में इन देशों का योगदान विश्व शांति की दिशा में एक बड़ा कदम है।
ट्रम्प ने कहा, “मैं उन सभी अरब और मुस्लिम देशों का आभारी हूँ जिन्होंने गाज़ा में शांति और पुनर्निर्माण के प्रयासों में हाथ बढ़ाया। उन्होंने साहसिक कदम उठाते हुए बंधकों की रिहाई और स्थायी समाधान के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”
ट्रम्प ने अपने भाषण में उल्लेख किया कि हाल के हफ्तों में गाज़ा में युद्धविराम कायम रखने और राहत कार्यों को तेज़ करने में सऊदी अरब, मिस्र, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और पाकिस्तान जैसे देशों की अहम भूमिका रही है।
उन्होंने कहा कि अब गाज़ा “राख से उठने की दिशा में” है, और अगर सब कुछ शांति से आगे बढ़ा, तो एक दिन यह इलाका “मध्य पूर्व की नई रिवेरा” बन सकता है।
मुख्य बिंदु:
- ट्रम्प ने कहा कि “अब बंदूकें खामोश हैं, सायरन बंद हैं, और शांति की नई सुबह गाज़ा पर उग रही है।”
- उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका और उसके सहयोगी गाज़ा के पुनर्निर्माण में सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता देंगे।
- ट्रम्प ने इस दौरान हमास से राजनीतिक दूरी बनाने वाले अरब राष्ट्रों की खुलकर प्रशंसा की।
- उन्होंने कहा कि “इस क्षेत्र में स्थायी शांति तभी संभव है जब वहां से चरमपंथ पूरी तरह खत्म हो।”
पिछले वर्ष गाज़ा में हुए संघर्षों के बाद लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा था। अब क्षेत्र में युद्धविराम कायम है और मानवीय सहायता मिशन तेज़ी से काम कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र, अरब लीग और कई इस्लामिक देशों ने मिलकर “गाज़ा पुनर्निर्माण गठबंधन” बनाया है, जिसका उद्देश्य बुनियादी ढांचे की बहाली और सामाजिक स्थिरता स्थापित करना है।
ट्रम्प का यह बयान न केवल पश्चिम एशिया की राजनीति में एक नया संकेत है बल्कि यह भी दिखाता है कि अमेरिका अब इस्लामिक देशों के साथ सहयोग की नई राह पर बढ़ रहा है। “सुरक्षित पुनर्निर्माण” शब्दावली का इस्तेमाल यह दर्शाता है कि वॉशिंगटन अब केवल सुरक्षा की नहीं, बल्कि स्थायी विकास की रणनीति पर ध्यान दे रहा है।




