एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 9 मार्च 2026
वाहन मालिकों को मिल सकती है बड़ी राहत
देशभर के वाहन मालिकों के लिए जल्द ही एक बड़ी राहत की खबर आ सकती है। केंद्र सरकार एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रही है, जिसके लागू होने के बाद एक राज्य से दूसरे राज्य में वाहन ट्रांसफर कराने के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेने की अनिवार्यता समाप्त हो सकती है। यदि यह फैसला लागू होता है तो वाहन मालिकों को आरटीओ के चक्कर लगाने और लंबी कागजी प्रक्रिया से राहत मिल सकती है।
नीति आयोग की समिति ने दी है सिफारिश
जानकारी के मुताबिक यह सुझाव नीति आयोग द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय समिति ने दिया है। समिति ने गैर-वित्तीय नियामकीय सुधारों के तहत यह प्रस्ताव रखा है कि अंतरराज्यीय वाहन ट्रांसफर प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। इसके आधार पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इस प्रस्ताव का अध्ययन कर रहा है और इसे लागू करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है।
डिजिटल सिस्टम से होगा वाहन का क्लियरेंस
प्रस्ताव के अनुसार भविष्य में वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जा सकता है। इसके लिए केंद्रीय ‘वाहन (VAHAN) डेटाबेस’ का उपयोग करते हुए वाहन से जुड़ी जानकारी, टैक्स, चालान और अन्य रिकॉर्ड स्वतः जांचे जाएंगे। इस तरह बिना किसी भौतिक NOC के ही वाहन की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और नया आरटीओ सीधे ट्रांसफर की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगा।
अभी क्या है मौजूदा नियम
फिलहाल यदि कोई व्यक्ति अपनी कार या बाइक को एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थायी रूप से ले जाना चाहता है, तो उसे पहले उस राज्य के आरटीओ से NOC प्राप्त करना पड़ता है जहां वाहन पहले से रजिस्टर्ड है। इसके बाद नए राज्य के आरटीओ में जाकर पुनः रजिस्ट्रेशन, रोड टैक्स भुगतान और अन्य दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। यह प्रक्रिया कई बार लंबी और जटिल हो जाती है।
लाखों वाहन मालिकों को मिलेगा फायदा
सरकार का मानना है कि NOC की अनिवार्यता खत्म होने से उन लोगों को सबसे ज्यादा लाभ होगा जो नौकरी, पढ़ाई या व्यवसाय के कारण अक्सर राज्य बदलते हैं। इससे समय की बचत होगी, कागजी झंझट कम होगा और वाहन ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज बन सकेगी।
यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो आने वाले समय में देशभर में वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा आसान और डिजिटल हो सकती है।




