Home » International » पर्यटन का नया मक्का — रियाद बना विश्व नेतृत्व का केंद्र

पर्यटन का नया मक्का — रियाद बना विश्व नेतृत्व का केंद्र

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

रियाद 8 नवंबर 2025

रियाद इन दिनों दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर केंद्र बिंदु बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर 7 से 11 नवंबर 2025 तक सऊदी अरब की राजधानी में आयोजित 26वीं संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन महासभा ने न केवल पर्यटन जगत को एक मंच पर एकत्रित किया बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि आने वाले वर्षों में सऊदी अरब वैश्विक पर्यटन की दिशा और दशा दोनों तय करने वाला एक प्रमुख देश बनने जा रहा है।

इस ऐतिहासिक आयोजन में 160 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों, मंत्रियों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के नेताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य विषय था — “AI-Powered Tourism: Redefining the Future” यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा परिभाषित पर्यटन का भविष्य। यह थीम अपने आप में सऊदी अरब की बदलती प्राथमिकताओं, उसकी तकनीकी महत्वाकांक्षा और सतत विकास की दृष्टि का प्रतिबिंब थी।

रियाद की भूमिका — वैश्विक पर्यटन के केंद्र के रूप में

सऊदी अरब ने इस आयोजन के माध्यम से स्पष्ट संकेत दिया है कि अब उसका लक्ष्य सिर्फ तेल आधारित अर्थव्यवस्था नहीं बल्कि पर्यटन, नवाचार और वैश्विक सहयोग पर केंद्रित विकास मॉडल है। देश के पर्यटन मंत्री अहमद अल-खतीब ने कहा कि यह आयोजन विजन 2030 की भावना का हिस्सा है — वह रणनीतिक ढांचा जिसके तहत सऊदी अरब अपनी अर्थव्यवस्था को विविधतापूर्ण बनाना चाहता है। इस विजन में पर्यटन को अर्थव्यवस्था का “मुख्य स्तंभ” बताया गया है।

महासभा का मंच न केवल सऊदी अरब के लिए अपने मेगा-टूरिज्म प्रोजेक्ट्स — NEOM, Diriyah, Red Sea Global और AlUla — को प्रदर्शित करने का अवसर बना, बल्कि यह दुनिया के लिए भी एक साझा संवाद का मंच साबित हुआ। यहाँ यह चर्चा भी हुई कि AI, डिजिटल परिवर्तन, और जलवायु-संवेदनशील पर्यटन को कैसे एक साथ जोड़कर पर्यटन को पर्यावरणीय रूप से उत्तरदायी बनाया जा सकता है।

सऊदी अरब का नया पर्यटन विजन — “इनोवेशन से इंप्रेशन तक”

सऊदी अरब ने पिछले कुछ वर्षों में जिस पैमाने पर पर्यटन में निवेश किया है, वह अभूतपूर्व है। 150 मिलियन वार्षिक यात्रियों का लक्ष्य, अत्याधुनिक हवाई अड्डे, विश्वस्तरीय होटल श्रृंखलाएँ, आसान ई-वीज़ा प्रणाली और सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार — यह सब उस योजना का हिस्सा हैं जो सऊदी अरब को एक टॉप ग्लोबल ट्रैवल डेस्टिनेशन बनाना चाहती है।

रियाद और जेद्दाह जैसे शहर अब वैश्विक कॉन्फ्रेंस, स्पोर्ट्स इवेंट्स और सांस्कृतिक उत्सवों के केंद्र बन रहे हैं। साथ ही, पर्यटन को सिर्फ लग्जरी या व्यवसायिक दृष्टि से नहीं बल्कि सांस्कृतिक संवाद, पर्यावरण-संरक्षण और स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण के उपकरण के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

महासभा की मुख्य चर्चा— सतत, समावेशी और AI-संचालित पर्यटन

पाँच दिवसीय महासभा के दौरान कई उच्चस्तरीय सत्र आयोजित किए गए, जिनमें सतत पर्यटन नीति, जलवायु-जिम्मेदार यात्रा, डिजिटल पर्यटन नवाचार और सामुदायिक भागीदारी जैसे विषयों पर चर्चा हुई। एक बड़ा आकर्षण था — ग्लोबल टूरिज्म इनोवेशन हब का उद्घाटन, जिसका उद्देश्य स्टार्टअप्स, निवेशकों और नीति निर्माताओं को एक साथ जोड़ना है ताकि पर्यटन क्षेत्र में नई तकनीकों को तेज़ी से अपनाया जा सके।

यह हब भविष्य में पर्यटन क्षेत्र को न केवल अधिक स्मार्ट बनाएगा, बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि हर यात्रा अनुभव स्थानीय समुदायों और पर्यावरण के लिए भी लाभदायक हो। इस दिशा में यह कदम वैश्विक स्तर पर एक नई सोच को जन्म दे रहा है — ऐसी सोच जो “कम नुकसान, अधिक अनुभव” के सिद्धांत पर आधारित है।

रियाद की नई पहचान — आतिथ्य और नवाचार का संगम

बीते दशक में रियाद ने खुद को आधुनिकता और परंपरा के संगम के रूप में ढाला है। Mandarin Oriental, Ritz-Carlton, St. Regis जैसे विश्वस्तरीय होटल और अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस सुविधाएँ अब इस शहर को ग्लोबल मीटिंग्स का नया पता बना रही हैं। यही नहीं, वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल ग्लोबल समिट और फ्यूचर हॉस्पिटैलिटी समिट जैसे कार्यक्रमों की सफल मेज़बानी ने रियाद को अंतरराष्ट्रीय विमर्श का अहम केंद्र बना दिया है।

यह परिवर्तन सिर्फ भवनों और आयोजनों का नहीं है — यह सोच और दृष्टि का परिवर्तन है। एक ऐसे देश में जहाँ दशकों तक पर्यटन का दायरा सीमित था, अब खुलापन, विविधता और संवाद की नई संस्कृति उभर रही है।

संस्कृति और पर्यटन — एक पुल के रूप में

संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के महासचिव ज़ुराब पोलोलिकाशविली ने रियाद सम्मेलन के दौरान कहा कि “पर्यटन वह भाषा है जो राष्ट्रों को जोड़ती है।” उन्होंने सऊदी अरब की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश ने शिक्षा, तकनीक और स्थानीय समुदायों के माध्यम से पर्यटन को एक सामाजिक परिवर्तन के उपकरण के रूप में उपयोग करना शुरू किया है।

सम्मेलन में यह भी स्वीकार किया गया कि महामारी के बाद का युग पर्यटन के लिए एक नई परीक्षा है — यात्रियों की प्राथमिकताएँ बदल चुकी हैं। अब लोग “अनुभव आधारित” और “पर्यावरण-संवेदनशील” यात्राओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे समय में सऊदी अरब का यह प्रयास कि वह पर्यटन को सतत, प्रामाणिक और समावेशी रूप में प्रस्तुत करे, आने वाले वर्षों के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है।

स्थायी विरासत — भविष्य का पर्यटन, सऊदी नेतृत्व के साथ

महासभा का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि पर्यटन अब केवल उद्योग नहीं रहेगा, बल्कि यह एक वैश्विक संवाद, नवाचार और सामूहिक समृद्धि का साधन बनेगा। उप पर्यटन मंत्री प्रिंसेस हाइफा अल सऊद ने कहा — “पर्यटन समझ का माध्यम है, और नवाचार के ज़रिए हम ऐसा भविष्य बना सकते हैं जहाँ हर यात्रा मानवता, प्रकृति और ग्रह के लिए मूल्य जोड़ती हो।”

उनके ये शब्द सऊदी अरब की उस दीर्घकालिक सोच का प्रतीक हैं जिसमें आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सांस्कृतिक संरक्षण समान रूप से शामिल हैं। NEOM, Diriyah और AlUla जैसे प्रोजेक्ट इस विचार को मूर्त रूप दे रहे हैं — कि आधुनिकता और विरासत एक साथ चल सकती हैं।

रियाद से उठी वह आवाज़ जो दुनिया सुन रही है

रियाद में सम्पन्न यह महासभा न केवल सऊदी अरब की उपलब्धि है, बल्कि वैश्विक पर्यटन जगत के लिए एक प्रेरणा है। जब दुनिया जलवायु संकट, आर्थिक अस्थिरता और सांस्कृतिक विभाजनों से जूझ रही है, तब रियाद ने यह संदेश दिया है कि पर्यटन केवल यात्रा नहीं, बल्कि सभ्यता और सहयोग का मार्ग है।

AI-संचालित नवाचार, सतत विकास की सोच और सांस्कृतिक संवाद के साथ सऊदी अरब ने अपनी पहचान को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। इस ऐतिहासिक आयोजन ने साबित कर दिया है कि भविष्य का पर्यटन केवल अनुभव नहीं देगा, बल्कि मानवता को एक साझा दिशा भी देगा — और उस दिशा का नेतृत्व करेगा रियाद।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments