बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की गर्माहट के बीच आज महागठबंधन ने अपना संकल्प पत्र जारी करते हुए राज्य की राजनीति में नई ऊर्जा भर दी। गांधी मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में तेजस्वी यादव, कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा, वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के अध्यक्ष आईपी गुप्ता सहित गठबंधन के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
‘महागठबंधन संकल्प पत्र’ को जारी करते हुए नेताओं ने इसे “दल और दिलों का साझा प्रण” बताया और कहा कि यह केवल एक घोषणापत्र नहीं, बल्कि बिहार को सम्मान, सुरक्षा और अवसर देने की ठोस रूपरेखा है।
“एक बिहारी जब ठान लेता है…” — तेजस्वी का भावनात्मक भाषण
महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी प्रसाद यादव ने मंच से जनता को संबोधित करते हुए कहा, “आज हमारे लिए बहुत खास दिन है। हमें सिर्फ सरकार नहीं बनानी, बल्कि बिहार को बनाना है। हमने जनता के सामने अपना विजन रखा है और आज हमने यह प्रण लिया है कि बिहार को नंबर वन राज्य बनाएंगे।”
तेजस्वी ने आगे कहा कि यह संकल्प केवल राजनीतिक नहीं, भावनात्मक भी है। “ये दलों और दिलों का संकल्प है। इसे पूरा करने के लिए अगर हमें अपनी जान की बाज़ी भी लगानी पड़ी, तो हम पीछे नहीं हटेंगे। जब कोई बिहारी कुछ ठान लेता है, तो बिना हासिल किए रुकता नहीं है।”
उनकी इस भावनात्मक अपील पर भीड़ ‘तेजस्वी-तेजस्वी’ के नारों से गूंज उठी।
पवन खेड़ा का निशाना: “NDA सो रहा है, हम सोच रहे हैं”
कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता और AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने महागठबंधन के संकल्प पत्र की सराहना करते हुए कहा, “महागठबंधन ने सबसे पहले मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किया, सबसे पहले मेनिफेस्टो लॉन्च किया — यह दिखाता है कि कौन बिहार के लिए गंभीर है और कौन नहीं।”
उन्होंने कहा कि महागठबंधन की तैयारी केवल चुनाव जीतने की नहीं बल्कि शासन चलाने की है। “सरकार बनते ही पहले दिन से बिहार के लिए क्या करना है, इसका पूरा खाका तैयार है। यही हमारी गंभीरता दिखाता है।”
खेड़ा ने मेनिफेस्टो कमेटी के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि इस संकल्प पत्र को प्रदेश के हर वर्ग की आवाज़ से तैयार किया गया है — किसानों, महिलाओं, युवाओं और मजदूरों तक, सबकी बात इसमें शामिल है।
मुकेश साहनी का दावा: “जनता हमारे साथ है, हम वादा निभाएंगे”
विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और गठबंधन के घोषित उपमुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार मुकेश साहनी ने कहा, “आज हमने बिहार के सामने अपना संकल्प रखा है। यह सिर्फ़ वादों का कागज नहीं, यह जनता से किया गया वादा है, जिसे हम प्राण झोंककर पूरा करेंगे।”
साहनी ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने के बाद राज्य में गरीबों, मछुआरों, किसानों और महादलित समाज के उत्थान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि “जनता की उम्मीदों पर हम खरे उतरेंगे और बिहार को विकास की नई राह पर ले जाएंगे।”
आई.पी. गुप्ता का बयान: “यह बिहार के बदलाव का प्रण है”
इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) के अध्यक्ष आई.पी. गुप्ता ने कहा कि बिहार अब बदलाव के कगार पर है। “प्रदेश एक नौजवान मुख्यमंत्री का इंतजार कर रहा है, जो अपने विजन और साहस के साथ नई दिशा दे सके। यह संकल्प पत्र कोई चुनावी दस्तावेज़ नहीं बल्कि बिहार के भविष्य का नक्शा है।”
उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक इच्छाशक्ति और जनता का विश्वास एक साथ हो, तो कोई भी बदलाव असंभव नहीं रहता। “यह गठबंधन सिर्फ़ दलों का नहीं, दिलों का मेल है,” उन्होंने जोश में कहा।
‘संकल्प पत्र’ की मूल भावना – सम्मान, सुरक्षा और अवसर
महागठबंधन नेताओं ने कहा कि इस संकल्प पत्र का मूल उद्देश्य बिहार को भाजपा-जेडीयू के “कुशासनराज” से बाहर निकालना है। घोषणा पत्र में हर नागरिक के सम्मान, सुरक्षा, सुविधा और समान अवसर की बात कही गई है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के युवाओं को अब बाहर पलायन नहीं करना पड़ेगा, राज्य में ही उन्हें रोजगार और सम्मान दोनों मिलेंगे।
नए बिहार का विजन – राजनीति नहीं, प्रतिबद्धता
महागठबंधन ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन है। तेजस्वी ने कहा, “हम बिहार को भय, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से मुक्त कर एक ऐसा राज्य बनाएंगे जहां कोई भी अपनी जाति, धर्म या वर्ग के कारण खुद को कमजोर महसूस न करे।”
इस कार्यक्रम ने बिहार की सियासत में एक नया उत्साह भर दिया है। जहां एक ओर महागठबंधन अपने ‘दल और दिल के गठजोड़’ को जनता के बीच प्रचारित कर रहा है, वहीं NDA पर अब दबाव बढ़ गया है कि वह कब और किस विजन के साथ मैदान में उतरेगा।




