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सुब्रमण्यम स्वामी, मधु किश्वर और संजय सिंह के आरोप : नरेंद्र मोदी पर गंभीर सवाल

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राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 26 मार्च 2026

देश की राजनीति में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब Subramanian Swamy, Madhu Purnima Kishwar और Sanjay Singh के बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। इन बयानों में प्रधानमंत्री Narendra Modi को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिससे राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है।

सबसे पहले मधु किश्वर के लंबे सोशल मीडिया पोस्ट ने इस पूरे विवाद को जन्म दिया। उन्होंने अपने अनुभवों का जिक्र करते हुए लिखा कि उन्होंने मई 2014 में नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद उनसे दूरी बनाए रखी। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी किताब देने तक नहीं गईं और एक बिना हस्ताक्षर वाली प्रति अपने एक परिचित अधिकारी के माध्यम से भिजवाई।

मधु किश्वर ने दावा किया कि उस समय सत्ता के गलियारों में यह चर्चा होती थी कि कुछ महिलाओं को उनकी नजदीकियों के कारण सांसद और मंत्री बनाया गया। उन्होंने लिखा कि इसी कारण उन्होंने शुरू से ही सतर्कता बरती और दूरी बनाए रखी।

उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी उल्लेख किया कि गुजरात के समय से जुड़े कुछ नामों को लेकर भी चर्चाएं होती रही थीं, जो बाद में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए गए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कई लोगों से ऐसी जानकारियां मिलीं, जिनसे वह असहज हो गईं और उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों में जाना तक कम कर दिया।

इस पूरे विवाद को और हवा तब मिली जब Tarun Gautam द्वारा साझा किए गए एक पोस्ट में Subramanian Swamy के हवाले से बयान सामने आया। इसमें दावा किया गया कि स्वामी ने कहा है कि वह 3-4 ऐसी महिलाओं के नाम बता सकते हैं जो नरेंद्र मोदी के शोषण के बाद सांसद बनीं और जिनमें से एक मंत्री भी बनी।

वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता Sanjay Singh ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे आरोप सामने आ रहे हैं तो यह बेहद गंभीर विषय है और इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या महत्वपूर्ण पद देने के बदले महिलाओं का शोषण हुआ और क्या इस तरह के मामलों में किसी प्रकार की निगरानी या कार्रवाई हुई। इन आरोपों के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

सोशल मीडिया से शुरू हुआ यह विवाद राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इन आरोपों पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है और क्या किसी प्रकार की जांच या कानूनी कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाए जाते हैं।

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