रायपुर/नई दिल्ली
17 जुलाई 2025
नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई ने माओवादियों को जोरदार झटका दिया है। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि पिछले एक साल में देशभर में 357 माओवादी मारे गए हैं, जिनमें से बड़ी संख्या छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों से है।
बस्तर बना ऑपरेशन का केंद्र
आईजी सुंदरराज ने कहा कि माओवादी हिंसा को खत्म करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने समन्वित रणनीति के तहत ऑपरेशन चलाए हैं। खासकर बस्तर क्षेत्र, जो लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ माना जाता रहा है, अब तेजी से शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के सहयोग और खुफिया तंत्र की मजबूती से यह सफलता मिली है।
सुरक्षा बलों का मनोबल ऊंचा, नक्सलियों में हड़कंप
357 नक्सलियों के मारे जाने की यह संख्या बीते वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है। इससे स्पष्ट है कि सुरक्षा बलों का मनोबल ऊंचा है और माओवादी संगठन बुरी तरह से बैकफुट पर हैं। मारे गए उग्रवादियों में कई वांछित कमांडर और इनामी नक्सली भी शामिल हैं।
सरकार की दोहरी रणनीति: विकास और सुरक्षा
केंद्र और राज्य सरकारों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एक तरफ सख्त सुरक्षा अभियान, और दूसरी तरफ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे विकास कार्यों को तेज किया है। बस्तर आईजी ने यह भी बताया कि surrendered नक्सलियों की संख्या भी बढ़ रही है, जो दर्शाता है कि अब माओवादी विचारधारा का असर कम होता जा रहा है।
नए भारत की तस्वीर: आतंक नहीं, तरक्की होगी पहचान
यह आँकड़ा केवल एक रिपोर्ट नहीं, बल्कि नई दिशा की प्रतीक है। एक ऐसा भारत, जहाँ बंदूक की नहीं, भरोसे और विकास की बात होगी। माओवाद से मुक्ति की ओर देश के कदम और तेज़ हो चुके हैं।




