एबीसी डेस्क 12 दिसंबर 2025
मणिपुर की बदली हुई राजनीतिक स्थिति के बीच एक बड़ा बयान सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने कहा है कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य के पार्टी विधायकों को दिल्ली बुलाया है। इस कदम के बाद प्रदेश में यह सवाल जोर पकड़ने लगा है कि क्या बीजेपी फिर से सरकार बनाने की तैयारी कर रही है या फिर किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की बुनियाद रखी जा रही है। बीरेन सिंह के बयान ने राजनीतिक हलचल को अचानक तेज कर दिया है, खासकर तब जब राज्य में लंबे समय से अस्थिरता और तनाव की स्थिति बनी हुई है।
बीरेन सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि पार्टी के कई विधायक दिल्ली के लिए निकल चुके हैं और कुछ को बुलावा भेजा गया है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह बैठक किस उद्देश्य से बुलाई गई है, लेकिन राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए यह मान लिया गया है कि केंद्रीय नेतृत्व कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लेने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पार्टी नेतृत्व के हाथ में है और सभी निर्णय वही करेंगे।
मणिपुर में पिछले कई महीनों से कानून-व्यवस्था, जातीय तनाव और राजनीतिक अस्थिरता ने माहौल को बहुत संवेदनशील बना दिया है। ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व की अचानक सक्रियता को राजनीतिक विशेषज्ञ महत्वपूर्ण संकेत मान रहे हैं। कई जानकारों का कहना है कि बीजेपी यह आकलन कर रही है कि मौजूदा हालात में क्या वह राज्य में स्थिर सरकार प्रदान कर सकती है या नए नेतृत्व के साथ नई रणनीति बनाई जा सकती है। वहीं विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी राज्य की जमीनी सच्चाई से दूर होकर राजनीतिक गणित साधने में लगी है।
बीजेपी की तरफ से आधिकारिक बयान अभी तक नहीं आया है, लेकिन बीरेन सिंह के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि पार्टी के भीतर रणनीतिक चर्चाएँ तेज हो चुकी हैं। अब सभी की निगाहें दिल्ली में होने वाली संभावित बैठक और उसके बाद आने वाले फैसलों पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि बीजेपी की यह हलचल सिर्फ आंतरिक समीक्षा है या वाकई मणिपुर में नई सरकार के गठन की दिशा में कोई बड़ा कदम उठाया जाने वाला है।




