संजीव कुमार 1 जनवरी 2026
भारतीय घरेलू क्रिकेट में इस वक्त अगर किसी बल्लेबाज़ ने सबसे ज़ोरदार दस्तक दी है, तो वह नाम है सरफराज खान। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) में उनका बल्ला ऐसा गरजा कि गेंदबाज़ों के पास जवाब ही नहीं बचा—47 गेंदों पर शतक, 40 गेंदों में 52 रन, 25 गेंदों में 64 और सिर्फ 22 गेंदों में 73 रन। ये आंकड़े सिर्फ रन नहीं, बल्कि चेतावनी हैं। यही तूफानी फॉर्म विजय हज़ारे ट्रॉफी में भी बिना रुके जारी है। पहले मैच में 49 गेंदों पर 55 रन और फिर ताज़ा मुकाबले में 75 गेंदों पर 157 रनों की विस्फोटक पारी, जिसमें 14 छक्के शामिल रहे। यह पारी दिखाती है कि सरफराज अब सिर्फ घरेलू क्रिकेट के स्टार नहीं, बल्कि बड़े मंच के लिए पूरी तरह तैयार बल्लेबाज़ हैं।
सरफराज की बल्लेबाज़ी की सबसे खास बात है मिडिल ओवर्स में स्पिन गेंदबाज़ों पर उनका कहर। स्वीप और स्लॉग-स्वीप उनके सबसे घातक हथियार हैं। वह स्पिन को खेलने नहीं, बल्कि नष्ट करने की मानसिकता के साथ उतरते हैं। यही वजह है कि तमिल क्रिकेट गलियारों में उनके लिए कहा जा रहा है—”Avan kadhava thattala, idichi odachitu irukaan.” यानी, वह दरवाज़ा खटखटा नहीं रहा, बल्कि तोड़कर अंदर घुस रहा है।
अब निगाहें चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) पर टिक गई हैं। सवाल साफ है—क्या CSK इस जबरदस्त फॉर्म का फायदा उठाएगी और IPL 2026 में सरफराज खान को Playing XI में जगह देगी? मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए यह मांग सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि पूरी तरह क्रिकेटिंग तर्क पर आधारित है। हालांकि, “मेन इन येलो” के सामने एक अलग ही चुनौती है—टीम के पास बल्लेबाज़ी में बेहद ज़्यादा विकल्प हैं। यह सुखद समस्या जरूर है, लेकिन प्लेइंग इलेवन चुनना आसान नहीं होगा। एक बात तय है—अगर सरफराज खान का यह फॉर्म बरकरार रहता है, तो IPL 2026 में वह सिर्फ टीम का हिस्सा नहीं, बल्कि मैच पलटने वाला नाम बन सकते हैं। पीली जर्सी में उनका बल्ला कब आग उगलेगा—फैंस उसी पल का इंतज़ार कर रहे हैं।




