एबीसी नेशनल न्यूज | स्पोर्ट्स डेस्क | 9 मार्च 2026
आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ उन्हें मिलने वाली प्राइज मनी को लेकर भी क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है। खास तौर पर भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज Sanju Samson को लेकर प्रशंसकों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें अलग से कितनी इनामी राशि मिली। पूरे टूर्नामेंट में दमदार बल्लेबाजी करने वाले सैमसन को उनकी निरंतरता और प्रभावशाली पारियों के कारण “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” का खिताब दिया गया, जिसने उनके करियर में एक नई उपलब्धि जोड़ दी।
टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत को आईसीसी की ओर से करोड़ों रुपये की प्राइज मनी मिली। टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार विजेता टीम को लगभग 3 मिलियन डॉलर (करीब 25-27 करोड़ रुपये) की इनामी राशि दी जाती है। यह रकम सीधे पूरी टीम और क्रिकेट बोर्ड को दी जाती है, जिसके बाद बोर्ड अपनी आंतरिक नीति के अनुसार खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बीच इसका वितरण करता है।
संजू सैमसन के व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए कई अहम पारियां खेलीं और टीम को महत्वपूर्ण मौकों पर जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। इसी शानदार प्रदर्शन के कारण उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने वाले खिलाड़ी को आईसीसी की ओर से अलग से सम्मान और ट्रॉफी दी जाती है, साथ ही कई बार प्रायोजकों की ओर से नकद पुरस्कार भी दिया जाता है।
रिपोर्टों के मुताबिक प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने वाले खिलाड़ी को लगभग 25 हजार डॉलर (करीब 20-21 लाख रुपये) तक का व्यक्तिगत पुरस्कार मिल सकता है। हालांकि कई बार यह राशि आयोजन के प्रायोजकों या विशेष पुरस्कारों के रूप में दी जाती है। इसके अलावा टीम इंडिया के चैंपियन बनने के बाद खिलाड़ियों को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी Board of Control for Cricket in India की ओर से भी अलग से इनाम और बोनस दिया जाता है, जिससे खिलाड़ियों की कुल पुरस्कार राशि और बढ़ जाती है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस टूर्नामेंट में संजू सैमसन का प्रदर्शन उनके करियर का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ है। लंबे समय तक टीम में जगह को लेकर चर्चा में रहने वाले सैमसन ने इस विश्व कप में अपने प्रदर्शन से आलोचकों को भी जवाब दिया और खुद को बड़े मैचों का खिलाड़ी साबित किया। भारत की खिताबी जीत और व्यक्तिगत सम्मान ने उनके क्रिकेट करियर को नई ऊंचाई देने का काम किया है।




