एबीसी डेस्क 19 दिसंबर 2025
महान क्रांतिकारी अशफ़ाक़ उल्ला ख़ां, पंडित राम प्रसाद बिस्मिल और ठाकुर रोशन सिंह की पुण्यतिथि पर पूरे देश ने उन्हें याद किया और श्रद्धांजलि दी। अलग-अलग जगहों पर लोगों ने इन वीर सपूतों को नमन करते हुए उनके बलिदान को याद किया।
इन तीनों क्रांतिकारियों ने देश की आज़ादी के लिए बिना किसी डर के अपनी जान कुर्बान कर दी। उन्होंने अंग्रेज़ी शासन के खिलाफ लड़ते हुए यह दिखा दिया कि आज़ादी की लड़ाई में धर्म या जाति नहीं, बल्कि देश से प्यार और हिम्मत सबसे बड़ी ताकत होती है। उनका जीवन हमें देश की एकता और भाईचारे का संदेश देता है।
इतिहासकारों का कहना है कि इन क्रांतिकारियों की लड़ाई सिर्फ़ हथियारों तक सीमित नहीं थी। वे आजादी, बराबरी और आत्मसम्मान के विचारों के लिए लड़े। काकोरी आंदोलन से लेकर फांसी तक का उनका सफर आज भी लोगों को प्रेरणा देता है।
श्रद्धांजलि सभाओं में कहा गया कि समय चाहे कितना भी बीत जाए, इन वीरों की कुर्बानी कभी नहीं भुलाई जा सकती। उनका साहस और त्याग हर भारतीय के दिल में जिंदा रहेगा और खासकर युवाओं को देशसेवा, एकता और निडरता के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।
देश आज भी उन अमर शहीदों को सम्मान के साथ याद करता है, जिनकी वजह से हम आज़ाद भारत में खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं।




