एबीसी डेस्क 12 दिसंबर 2025
संसद में गृहमंत्री अमित शाह के उस बयान पर बड़ा राजनीतिक तूफ़ान खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस की हार की ज़िम्मेदारी उसके शीर्ष नेतृत्व की है। इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने तीखा पलटवार किया और सीधे-सीधे बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल दाग दिए।
सचिन पायलट ने कहा कि 2024 के चुनावों में बीजेपी ने पूरे देश में “400 पार” का नारा दिया था, लेकिन चुनाव नतीजों में पार्टी 240 सीटों पर ही रुक गई। पायलट ने पूछा—“इसकी ज़िम्मेदारी किसकी है? जे.पी. नड्डा जी की या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की?”
उन्होंने कहा कि जब पूरे देश में एक माहौल बनाया गया कि बीजेपी इतिहास रच देगी, तब नतीजों ने कुछ और ही कहानी सुनाई। ऐसे में जवाबदेही भी उतनी ही स्पष्ट होनी चाहिए।
पायलट यहीं नहीं रुके। उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता जिस विश्वास और निष्पक्षता के साथ वोट डालना चाहती है, अगर उस प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं, तो चुनाव आयोग की यह ज़िम्मेदारी है कि वह पारदर्शिता के साथ पूरे मामले का स्पष्टीकरण दे। पायलट के अनुसार, लोकतंत्र की मजबूती उसी में है कि चुनाव प्रक्रिया पर किसी भी प्रकार का संदेह न रहे।
अमित शाह के बयान के बाद पायलट का यह जवाब राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दे रहा है। कांग्रेस और बीजेपी के बीच यह शब्द-युद्ध चुनावी राजनीति में ज़िम्मेदारी, नेतृत्व और पारदर्शिता के मुद्दों को एक बार फिर केंद्र में ले आया है।




