समी अहमद। पटना, 12 दिसंबर 2025
बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमाने वाली है, क्योंकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अब दोबारा सड़क पर उतरने की तैयारी में है। पार्टी संगठन को नए रूप में ढालने के लिए तेज गतिविधियाँ शुरू कर चुकी है, और बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में RJD जनता से सीधा संवाद बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाएगी। इस बार पार्टी ने अपना फोकस बेहद आक्रामक रखा है—बुलडोज़र कार्रवाई, कानून व्यवस्था और अपराध जैसे मुद्दों को हथियार बनाकर वह NDA सरकार को घेरने की योजना बना रही है।
सूत्रों के अनुसार RJD नेतृत्व को लगता है कि संगठन अब पुराने ढांचे में प्रभावी तरीके से काम नहीं कर पा रहा है, इसलिए पार्टी को नए सिरे से ऊर्जा देने और युवाओं को बड़ी संख्या में जोड़ने की जरूरत है। इसी कारण संगठनात्मक फेरबदल पर गंभीर चर्चा चल रही है। कई जिलों में पदाधिकारियों के बदलाव, नए चेहरे लाने और स्थानीय स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने के प्रयास तेज होने वाले हैं। पार्टी का मानना है कि जब तक जमीनी स्तर पर मजबूत नेटवर्क नहीं बनेगा, तब तक कोई भी चुनावी संघर्ष मुश्किल हो सकता है।
RJD का मुख्य निशाना नीतीश-भाजपा गठबंधन की ‘बुलडोज़र नीति’ और कानून व्यवस्था का मुद्दा रहेगा। पार्टी आरोप लगा रही है कि सरकार बुलडोज़र का उपयोग न्याय के नाम पर चुनिंदा लोगों को निशाना बनाने के लिए कर रही है, और असली अपराधियों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती। वहीं राज्य में लगातार बढ़ते अपराध और सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति को लेकर RJD सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि जनता के बीच बढ़ती असुरक्षा और बेरोज़गारी पर सरकार कोई ठोस काम नहीं कर पाई है, और अब इन मुद्दों को लेकर ज़ोरदार आंदोलन चलाया जाएगा।
इस बीच NDA खेमे ने RJD की इस तैयारी को राजनीतिक स्टंट बताया है। उनका कहना है कि जब भी RJD मुसीबत में होती है या संगठन में मनमुटाव बढ़ता है, वह सड़क पर उतरने का ऐलान करती है, लेकिन जनता अब ऐसे नाटकों को समझती है। इसके बावजूद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर RJD बड़े पैमाने पर आंदोलन करती है, तो राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ना तय है, क्योंकि RJD अभी भी बिहार के कई इलाकों में मजबूत जनाधार रखती है।
कुल मिलाकर, RJD की यह नई रणनीति आने वाले महीनों में बिहार की सियासत को और भी तेज़, तीखी और दिलचस्प बना सकती है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच यह टकराव कई नए मुद्दे उठाएगा और राजनीतिक माहौल को गरमाएगा, जिससे जनता पर सीधा असर पड़ना तय है।




