राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली/गुवाहाटी/ हैदराबाद | 10 अप्रैल 2026
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के कथित पासपोर्ट मामले को लेकर उठे विवाद में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने खेड़ा को एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत प्रदान की है, जिससे उन्हें तत्काल गिरफ्तारी से संरक्षण मिल गया है।
यह मामला उस समय चर्चा में आया जब पवन खेड़ा ने रिनिकी भुइयां के पासपोर्ट से जुड़े कथित तथ्यों को सार्वजनिक मंचों पर उठाया। इसके बाद असम में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि उन्होंने भ्रामक जानकारी फैलाकर मानहानि की है और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पवन खेड़ा ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया। सुनवाई के दौरान उनके वकीलों ने दलील दी कि यह मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है और उनके मुवक्किल ने केवल सार्वजनिक हित में सवाल उठाए हैं। अदालत ने इन दलीलों पर विचार करते हुए उन्हें सीमित अवधि के लिए राहत देते हुए ट्रांजिट अग्रिम जमानत दे दी।
अदालत के आदेश के अनुसार, पवन खेड़ा को एक सप्ताह के भीतर संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश होकर नियमित जमानत के लिए आवेदन करना होगा। इस दौरान उन्हें जांच में सहयोग करने और किसी भी तरह के भड़काऊ बयान से बचने की सलाह भी दी गई है।
असम सरकार और संबंधित पक्षों की ओर से इस मामले को गंभीर बताया जा रहा है और कहा गया है कि कानून के तहत उचित कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल, इस मामले ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।




